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खर्च 26 करोड़ का, वसूली 12 करोड़ की

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खर्च 26 करोड़ का, वसूली 12 करोड़ की
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ग्रामीण क्षेत्रों में 70 प्रतिशत और शहरी क्षेत्र में 30 प्रतिशत बिजली की हो रही हानि
25 प्रतिशत बिजली की हो रही चोरी, रोक पाने में विद्युत निगम फेल
घाटे में विद्युत निगम, तार-पोल बदलने में बढ़ी परेशानी
संतकबीरनगर। जिले की बिजली व्यवस्था सुधर नहीं पा रही है। जर्जर तार व पोल बदलने में भी विद्युत निगम के समक्ष चुनौती है। वजह यह है कि प्रति महीने जिले में 26 करोड़ की बिजली खर्च हो रही है और वसूली सिर्फ 12 करोड़ की हो पा रही है। जिले में 70 प्रतिशत बिजली लॉस हो रही है जबकि 25 प्रतिशत बिजली की चोरी हो रही है।
जिले में तीन तहसीलें खलीलाबाद, मेंहदावल और धनघटा हैं। आबादी करीब 19 लाख है। कुल 15 विद्युत सब स्टेशनों से विद्युत की सप्लाई दी जाती है। करीब 2.70 लाख विद्युत उपभोक्ता हैं। इसमें करीब 16,000 उपभोक्ता शहरी हैं। विद्युत निगम के आंकड़ों के मुताबिक सर्वाधिक विद्युत लॉस मोलनापुर और दुधारा क्षेत्र में है। यहां 85 से 90 प्रतिशत विद्युत लॉस है। जबकि हरिहरपुर में 87 प्रतिशत, हैंसर में 85 प्रतिशत, धनघटा में 80 प्रतिशत, मुखलिसपुर में 80 प्रतिशत, खलीलाबाद शहर में 35 प्रतिशत, मेंहदावल तहसील क्षेत्र मेें 75 प्रतिशत विद्युत लॉस है। ग्रामीण क्षेत्रों में औसतन 70 प्रतिशत और शहर क्षेत्र में 40 प्रतिशत विद्युत लॉस है। जबकि 25 प्रतिशत बिजली की चोरी भी हो रही है। आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में प्रति महीने 26 करोड़ रुपये की बिजली की खपत हो रही है जबकि वसूली सिर्फ 12 करोड़ रुपे की ही हो पा रही है। प्रति महीने 36 मिलियन यूनिट की जरूरत है और सिर्फ 24 मिलियन यूनिट बिजली मिल पा रही है। ऐसे में यह साफ है कि जिले की बिजली व्यवस्था लड़खड़ाएगी ही। विद्युत निगम के जिम्मेदार बताते हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति महीने पांच से सात प्रतिशत उपभोक्ता ही नियमित बिजली का बिल जमा कर रहे हैं। जबकि शहर में यह आंकड़ा 50 से 55 प्रतिशत है। उपभोक्ताओं को बिजली बिल जमा करने के लिए सरचार्ज समाधान योजना की सुविधा दी गई है। 30 जून तक यह सुविधा उपभोक्ताओं को मिलेगी। एक लाख तक के बकाएदार छह किस्तों में बिजली बिल जमा कर सकते हैं। जबकि एक लाख से ऊपर के उपभोक्ताओं के लिए 12 किस्त की सुविधा दी गई है।
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शहर और सघन आबादी वाले क्षेत्रों में तार-पोल बदलने की है योजना
विद्युत निगम के मुताबिक इंडस्ट्रियल एरिया में शत-प्रतिशत बिजली का बिल जमा हो रहा है। यहां पोल और तार बदलने का अनुबंध हो चुका है। इसी के साथ ही शहर के गोला बाजार और बरदहिया क्षेत्र में भी तार, पोल बदला जाएगा। जबकि ग्रामीण क्षेत्र में सघन आबादी वाले जैसे मगहर, मेंहदावल, बखिरा, बेलहर आदि जगह तार-पोल बदले जाएंगे। इसकी तैयारी कर ली गई है।
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कोट
यह सच है कि 26 करोड़ रुपये की बिजली प्रति महीने खर्च हो रही है और वसूली सिर्फ 12 करोड़ की हो पा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में 70 प्रतिशत और शहरी क्षेत्र में 30 प्रतिशत बिजली लॉस है। जबकि 25 प्रतिशत बिजली की चोरी भी हो रही है। उपभोक्ता बिजली बिल जमा करने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। बिजली की चोरी रोकने के लिए स्मार्ट मीटर और आर्म्ड केबल लगाए जाने का प्रस्ताव तैयार कर भेजा गया है। उपभोक्ताओं से अपील है कि वे सरचार्ज समाधान योजना का लाभ उठाएं। इसमें शत-प्रतिशत ब्याज माफ किए जाने का नियम है।
-आरके सिंह, एक्सईएन, विद्युत निगम
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