- नहरों में पानी न होने से किसान चिंतित, बारिश की आस लगाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सेमरियावां। क्षेत्र में नहरों का जाल बिछा दिया गया है, लेकिन नहरों में पानी न होने से किसान चिंतित हैं। धान की नर्सरी लगाने के लिए खेत में पानी की जरूरत है, पर किसान नहरों के सूखने से किसान बारिश की आस लगाए हैं।
क्षेत्र से गुजर रही सरयू नहर व उपशाखाओं व माइनर नहरें सूखी पड़ी है। इन क्षेत्रों में सिंचाई की व्यवस्था नहीं है। अधिकांश नलकूप बेकार पड़े हैं। कुछ नलकूप संचालित हैं लेकिन नाली टूटी पड़ी है। बरसात का मौसम शुरू होने में हो रही देरी ने किसानों को चिंतित कर रखा है। अगर जल्द बारिश शुरू नहीं हुई तो खरीफ की फसल पिछड़ सकती है।
खरीफ के जानकार किसान रफीक अहमद, मोहम्मद आरिफ, असरार अहमद, दमाराम आदि का कहना है कि मानसून 15 जून के करीब आता है, लेकिन मानसून के दस्तक के पूर्व आमतौर पर प्रत्येक साल इस माह में बारिश होती ही है। खरीफ की मुख्य फसल धान की अगैती खेती के लिए नर्सरी डालने का समय आ चुका है।
क्षेत्र में देवरिया विजई, धरूई, मीरपुर, भैंसवरिया, करही, उसराशहीद, चोरहा, गुलरिहवां, बढ़या माफी समेत दर्जनों गांव से होकर सरयू नहर की शाखा खलीलाबाद से गुजरती है। वहीं करही रजबहा सरयू नहर उपशाखा करही से निकल करमाखान, कड़जा, दरियाबाद, कोहरियावां, मूड़ाडीहाखुर्द, दुधारा से आगे तक निकली है। क्षेत्र में शाखा, उपशाखा, माइनर नहरों का जाल बिछा दिया गया है, जो किसानों के बेमतलब साबित हो रही है। किसानों ने नहरों में पानी छोड़ने की मांग की है।