हुनर के साथ जुनून और काम करने की दृढ़ इच्छा हो तो पूंजी रुकावट नहीं बन सकती। कुछ ऐसा ही जिले के महुली क्षेत्र के लहरी गांव निवासी अमरनाथ चौरसिया कर रहे हैं। वह गुजरात से घरेलू आटा चक्की और खोआ मशीन बनाकर खलीलाबाद लाते हैं और फिर उसकी बिक्री करते हैं। अब वह मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत बैंक से ऋण लेकर खुद का कारखाना लगाने की सोच रहे हैं।
लहुरी गांव निवासी 35 वर्षीय अमरनाथ चौरसिया दसवीं पास हैं। उनके पिता बाबूलाल चौरसिया काम धंधे की तलाश में गुजराज गए और वहीं घर बनवा कर बस गए। वे अमरनाथ चार भाइयों में चौथे नंबर के हैं। उनके बड़े भाई रघुनाथ, शेषनाथ और सूर्यनाथ गुजरात के ओढ़व शहर में रहते हैं। अमरनाथ गुजरात में वर्ष 2012 में घरेलू आटा चक्की और खोआ बनाने की फैक्ट्री में काम करने लगे। काम करते-करते इसमें दक्षता हासिल कर ली।
वह बताते हैं कि घरेलू आटा चक्की में स्टील ब्लेट लगा होता है।
तेल की पेराई छोड़कर अन्य सभी प्रकार के अनाज को पीसने में घरेलू आटा चक्की मुफीद है। घरेलू आटा चक्की से प्रति घंटे दस किलोग्राम तक अनाज की पिसाई की जा सकती है। इसमें 750 वाट बिजली की खपत होती है। प्रति घंटे सिर्फ छह रुपये कीमत की बिजली की खपत होती है। वह पांच हार्स पावर क्षमता तक की घरेलू आटा चक्की बनाते हैं। इसकी कीमत 10,000 से लेकर 15,000 रुपये अथवा उससे अधिक होती है।
उन्होंने बताया कि व्यवसाय को जिले में करने का विचार आया। दो साल से खलीलाबाद शहर के ओवरब्रिज के दक्षिण तरफ किराये पर दुकान ले रखा है। गुजरात से खुद बनाकर घरेलू आटा चक्की और खोआ मशीन लाते हैं और यहीं पर बेचते हैं। अब तक वह 170 से अधिक घरेलू आटा चक्की बेच चुके हैं। 24 जनवरी को विकास भवन परिसर में उत्तर प्रदेश दिवस पर लगी प्रदर्शनी में स्टॉल भी लगाया था।
डीएम प्रेम रंजन सिंह, सीडीओ संत कुमार, उपायुक्त उद्योग राजकुमार शर्मा ने इसे देखा और सराहना की। अब वह खुद का कारखाना लगाना चाहते हैं। इसके लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना से बैंक से ऋण लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उद्योग विभाग और बैंक से अपेक्षित सहयोग मिला तो वह इस कारोबार को जिले में करेंगे।
उपायुक्त उद्योग राजकुमार शर्मा ने कहा कि लहरी गांव निवासी अमरनाथ चौरसिया घरेलू आटा चक्की और खोआ मशीन बनाने में पारंगत हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार स्थानीय स्तर पर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं चला रही है। अमरनाथ को प्रेरित किया गया है कि वह खुद का कारखाना लगाएं। इसके लिए मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना से बैक से ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।