राम जानकी मार्ग के निर्माण के लिए किसानों और अधिकारियों के बीच हुई बैठक
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। रामजानकी मार्ग के चौड़ीकरण में आ रही बाधा को दूर करने के लिए बृहस्पतिवार को किसानों और संबंधित विभाग के अधिकारियों की बैठक तहसील सभागार में हुई। इसमें किसानों ने निर्माण कार्य शुरू होने के पहले जमीन के मुआवजे की मांग की।
राम जानकी मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य शुरू हो चुका है। धनघटा तहसील क्षेत्र के सोनहन से लेकर बसवारी गांव तक 66 गांव के किसानों की जमीन सड़क के लिए अधिग्रहित की जानी है, लेकिन पिछले दिनों बगैर किसानों को जानकारी दिए लोक निर्माण विभाग ने सोनहन, परसा और खर्चा गांव के पास सड़क का निर्माण कार्य शुरू करने की कोशिश की तो किसानों ने इसका विरोध करते हुए कार्य को रुकवा दिया।
इससे परेशान कार्यदायी संस्था के अधिकारी ने जिलाधिकारी से संपर्क किया। डीएम के निर्देश पर एसडीएम धनघटा डॉ. रविंद्र कुमार ने किसानों और सहायक अभियंता लोक निर्माण विभाग संतकबीरनगर, विद्युत उपखंड अधिकारी धनघटा, सहायक अभियंता जल निगम , विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी बस्ती, वन क्षेत्राधिकारी धनघटा और सलाहकार, कांटेक्टर, प्रोजेक्ट मैनेजर राष्ट्रीय राजमार्ग सोनहन से सिकरीगंज तथा अधिग्रहित की जाने वाली जमीन के गांव के संबंधित किसान और प्रधान की बैठक बुलाई।
बैठक में अधिकारियों ने जब यह कहा कि कार्य होने दिया जाए, मुआवजा बाद में दे दिया जाएगा तो किसान नाराज हो गए। सोनहन गांव के पूर्व प्रधान मोहम्मद रफीक, राजन राय, अशोक कुमार राय, राम उग्रह आदि ने कहा कि पहले मुआवजे की कार्यवाही की जाए। उसके बाद ही निर्माण कार्य शुरू होना चाहिए। किसानों ने कहा कि वन विभाग बगैर किसी किसान को मुआवजा दिए उनके पेड़ काट ले गए। मुआवजा के बाद ही पेड़ों की कटान की जाए। एसडीएम डॉ. रविंद्र कुमार ने बताया कि राजस्व विभाग समेत संबंधित विभागों की टीम बनाकर जमीन की सर्वे किया जाएगा। इसके बाद मुआवजा दिया जाएगा।