पीएचसी पर समय से नहीं मिलते डॉक्टर और कर्मचारी
- दवाओं के न होने से भी होती है दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। क्षेत्र के औराडाड, जगदीशपुर, धनघटा, कुरमौल में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति ठीक नहीं है। यहां न तो चिकित्सक बैठते हैं और न ही समय से कोई कर्मचारी मिलते हैं। दवाओं का भी अभाव बना रहता है।
क्षेत्र औराडाड, मनिकापार, रामपुर दक्षिणी, तिलहा, गायघाट दक्षिणी, दौलतपुर, सेमरी, सियर कला आदि गांव के लोगों को नजदीक में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 2005 में शासन ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोले। हालांकि यहां क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। दौलतपुर निवासी रमाकांत, दयाराम, सूर्य देव, कपिल देव आदि ने बताया कि अस्पताल पर अब वार्ड ब्वाय और फार्मासिस्ट रहते हैं। वह भी 11 बजे आएंगे और दोपहर दो बजे अस्पताल बंद करके चले जाते हैं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में दवा भी नहीं मिलती है।
वहीं, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जगदीशपुर का संचालन 2012 में ही शुरू किया गया। ग्रामीण राम भुवाल, तिरथ, जय राम, रामप्रसाद, करिया आदि का कहना है कि इस अस्पताल पर नियुक्त डॉक्टर कभी अस्पताल नहीं आते हैं। अस्पताल में सर्दी जुकाम की दवा भी उपलब्ध नहीं रहती है। इलाज की जरूरत पड़ने पर यहां के लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैंसर बाजार जाना पड़ता है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुरमौल धनघटा में डॉक्टर की तैनाती ही नहीं हुई है। अस्पताल पर किसी भी कर्मी के न आने से बंद रहता है। खिड़की और फाटक टूटते जा रहे हैं।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शनिचरा बाजार में डॉक्टर, फार्मासिस्ट और वार्ड ब्वाय, सफाई कर्मी सबकी तैनाती है। क्षेत्र के नरसिंह, इमामुद्दीन, जवाहिर, राज मंगल, सुमित्रा आदि ने बताया कि यह अस्पताल सरकारी कार्यालयों की तरह सुबह 10 बजे खुलता है और शाम तीन बजे बंद हो जाता है। रात में न तो डॉक्टर और न ही फार्मासिस्ट मिलते हैं। आपातकाल में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैसर बाजार या जिला अस्पताल जाने के लोग विवश होते हैं। अस्पताल पर मौजूद डॉ. राकेश कुमार यादव का कहना था कि यहां पर डॉक्टर और सभी स्वास्थ्य कर्मी 24 घंटे मौजूद रहते हैं। इमरजेंसी मरीज भी देखे जाते हैं। लोगों द्वारा लगाया जा रहा आरोप बेबुनियाद है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण कराया जाएगा, जो भी अनुपस्थित पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जहां पर दवा नहीं है, वहां के फार्मासिस्ट संपर्क कर दवा ले सकते हैं। मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देना प्राथमिकता है।
- डॉ. इंद्रविजय विश्वकर्मा, सीएमओ