संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक के प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर जिलेभर के शिक्षक टीईटी की अनिवार्यता से मुक्ति के लिए कलक्ट्रेट पर पहुंच कर प्रदर्शन किए। इस दौरान पीएम को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
मंगलवार को जिले के शिक्षक बीएसए कार्यालय पर एकत्र हुए। वहां से पैदल यात्रा निकालकर कलक्ट्रेट पर पहुंचे। जहां प्रदर्शन करते हुए टीईटी से मुक्त करने की मांग की। जिलाध्यक्ष अंबिका देवी ने कहाकि 2011 से पूर्व नियुक्त अध्यापकों हेतु शिक्षक पात्रता परीक्षा टीईटी की अनिवार्यता के निर्णय से शिक्षक दुखी परेशान हैं। अपनी नौकरी बचाने के लिए सड़कों पर उतरने हेतु बाध्य हैं।
मंत्री ओम प्रकाश यादव और कोषाध्यक्ष केसी सिंह ने कहाकि उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर सभी 75 जिलों में प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री को जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन दिया है। शिक्षकों की यह मांग है कि लाखों शिक्षकों को न्याय दें। टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त किया जाए। जिला उपाध्यक्ष विजयनाथ ने कहा कि 2011 के बाद सभी शिक्षक शिक्षक पात्रता परीक्षा टेट पास करके ही नियुक्त हो रहे हैं।
जबकि 2011 के पूर्व जो भी शिक्षक भर्तियां हुईं हैं। उस दौर की न्यूनतम शैक्षिक योग्यता एवं प्रशिक्षण की अहर्ता और सभी मानक पूर्ण करते हुए शिक्षक और शिक्षिका के पद पर चयनित हुए। 2011 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को टेट से मुक्त रखा जाए। जिला उपाध्यक्ष जफीर अली कारखी ने कहा कि 2011 से पूर्व के सभी नियुक्त शिक्षकों पर टेट को जबरिया थोपा जा रहा है।
20 साल 30 साल देश समाज की सेवा, बच्चों को शिक्षित करने और योग्य नागरिक बनाने में अमूल्य योगदान दे रहे हैं। शिक्षक आज एकदम से अचानक 20-30 साल नौकरी करने के बाद खुद को असुरक्षित महसूस करता है। शिक्षकों ने केंद्र सरकार से गुहार लगाई कि 2011 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों पर टेट न थोपा जाए क्योंकि कोई भी कानून लागू होने से पूर्व की तिथि पर प्रभावी नहीं होता।
इस दौरान ओम प्रकाश यादव, राम शरण यादव, मो आजम, जयभान चौधरी, अरुण यादव, प्रेम प्रकाश दुबे, वीरेंद्र चौधरी, अभिनव प्रताप सिंह, दुर्गा प्रसाद, वेद प्रकाश त्रिपाठी, संगीता सिंह, चन्द्रकला, अनीता सिंह आदि मौजूद रहे।