एसडीएम को ज्ञापन सौपते भाकियू कार्यकर्ताएसडीएम को ज्ञापन सौपते भाकियू कार्यकर्ताफोटो स्रोत संवा
संतकबीरनगर। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के समर्थन में किसानों ने भारत छोड़ो दिवस एवं अगस्त क्रांति के अवसर पर राष्ट्रपति को संबोधित विभिन्न मांगों का ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में किसानों, कृषि श्रमिकों, मजदूरों और अन्य मेहनतकश वर्गों से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार से कार्रवाई की मांग की गई है।
ज्ञापन में सभी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी और सरकारी खरीद सुनिश्चित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई है। किसानों और दिहाड़ी मजदूरों की ग्रामीण ऋणग्रस्तता समाप्त करने के लिए व्यापक कर्जमाफी तथा किसान आत्महत्या पीड़ित परिवारों को 25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग भी की गई है।
किसानों ने चारों श्रम संहिताओं को वापस लेने और सभी श्रमिकों के लिए 42 हजार रुपये प्रतिमाह वैधानिक न्यूनतम वेतन सुनिश्चित करने की मांग की। मनरेगा को मजबूत करते हुए साल में 200 दिन रोजगार और 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।
विद्युत निजीकरण विधेयक 2026, बीज विधेयक 2026 और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों को वापस लेने, जबरन भूमि अधिग्रहण रोकने और किसानों के भूमि अधिकारों की रक्षा करने की मांग की गई। इसके साथ ही भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को मजबूत करने और निजीकरण पर रोक लगाने की बात कही गई है।
इस दौरान भाकियू जिलाध्यक्ष प्रेमनाथ, अनूप कुमार चौधरी, रामसिंह, सुभाष चंद्र, ब्रम्हदीन, ब्रम्हानंद समेत अन्य कार्यकर्ता व पदाधिकारी मौजूद रहे।