संतकबीरनगर। गेहूं की खरीद की तय सीमा रविवार को समाप्त हो गई। 34 हजार एमटी लक्ष्य की तुलना में 1032 किसानों से महज 3406 एमटी गेहूं की खरीद हो पाई है। जो लक्ष्य के 14.192 प्रतिशत है। विभाग के लाख प्रयास के बाद भी किसानों ने प्राइवेट में गेहूं बेचना पसंद किया। क्योंकि व्यापारी गेहूं लेकर तत्काल भुगतान भी कर दे रहे थे। इससे किसानों को गेहूं क्रय केंद्रों पर लाइन नहीं लगानी पड़ी।
जिले में गेहूं खरीद की प्रक्रिया 17 मार्च से शुरू हुई थी। किसानों से गेहूं खरीदने के लिए चार क्रय एजेंसियों ने 48 केंद्र स्थापित किए गए हैं। पांचों क्रय एजेंसियों के 48 क्रय केंद्रों पर अब तक 1032 किसानों से महज 3406 मीट्रिक टन गेहूं खरीद की गई है। खरीद की तय समय सीमा 15 जून तक निर्धारित थी, लेकिन विभाग लक्ष्य को हासिल करने में पीछे हो गया। क्रय केंद्रों पर किसान कम पहुंचे। ज्यादातर किसानों ने व्यापारियों को सीधे गेहूं बेंच दिया और सरकारी दर से अधिक रकम भी प्राप्त किया।
इधर विभाग का कहना है कि लगातार किसानों से संपर्क किया गया। मोबाइल टीम भी बनाई गई थी, लेकिन किसानों ने रूचि नहीं दिखाई। किसानों से 3408 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। जो लक्ष्य के 14.192 प्रतिशत है। जिले के 1032 किसानों ने ही गेहूं बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन भी कराया था और उन्हें लगभग आठ करोड़ रुपये का भुगतान भी किया जा चुका है।
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एजेंसी वार गेहूं की खरीद
एजेंसी केंद्र लक्ष्य खरीद प्रतिशत
खाद्य निगम 22 11000 एमटी 2445 एमटी 22.227
पीसीएफ 22 11000 एमटी 671 एमटी 6.100
मंडी समिति 01 500 एमटी 241 एमटी 48.220
भारतीय खाद्य निगम 03 1500 एमटी 48.900 एमटी 3.262
कोट
जिले को 24 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य मिला था। 3406 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। गेहूं बेचने में किसानों ने रूचि नहीं दिखाई। जबकि उनके घर से गेहूं की खरीद के लिए माेबाइल टीम का भी गठन किया गया था।
-कमलेश सिंह, जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी