संतकबीरनगर। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत समितियों को मिले 8.40 लाख रुपये हड़प लेने के आरोप में दो सचिव और एक फील्ड ऑफिसर के खिलाफ कोतवाली में गबन का केस दर्ज हुआ।
विभागीय उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अपर जिला सहकारी अधिकारी की तरफ से दी गई तहरीर पर पुलिस ने यह कार्रवाई की। गबन के आरोपियों पर हुई कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया।
अपर जिला सहकारी अधिकारी सुभाष चंद ने बताया कि तेनुहारी प्रथम निवासी चंद्र प्रकाश सिंह साधन सहकारी समिति लिमिटेड डीहा और बड़गों विकास खंड खलीलाबाद में सचिव के पद पर तैनात हैं।
इनके जरिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत दोनों समितियों में कुल मिला कर चार लाख छिहत्तर हजार रुपये सरकारी धन का गबन कर लिया गया है। आहरित धन को जमा करने के लिए सचिव को पर्याप्त समय दिया गया।
लेकिन इनके जरिए न तो आहरित धन जमा किया गया और न ही साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण ही दिया गया। फील्ड ऑफिसर शिव कुमार मिश्र उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम्य विकास बैंक लिमिटेड एलडीबी शाखा खलीलाबाद के जरिए साधन सहकारी समिति डीघा और बड़गों का सत्यापन किया गया था।
फील्ड ऑफिसर ने सचिव को संरक्षण देने की नीयत से फर्जी भ्रामक तरीके से छह लाख चौवालीस हजार रुपये का स्टॉक संभार का सत्यापन रिपोर्ट दिया गया था। जबकि दोनों गोदामों में मात्र एक लाख चौहत्तर हजार रुपये का ही स्टॉक था।
आगे बताया कि इसी तरह संतराम निवासी भैरोपुर पोस्ट महुआ लखनपुर तहसील हरैया कप्तान बस्ती के निवासी हैं। जो साधन सहकारी समिति महुई में सचिव के पद पर कार्यरत रहे। सचिव पद से वह 31 जुलाई 2015 को सेवानिवृत्त हो चुुुके हैं।
इनके कार्यकाल में महुई समिति को राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत पांच लाख रूपये कृषि निवेश व्यवसाय के लिए प्राप्त हुआ था। पीसीएफ से कृषि निवेश स्टॉक उठान कर उसे बिक्री करके पीसीएफ संतकबीरनगर के खाते में धन जमा करना था।
आरोप था सचिव ने बिक्री का तीन लाख बहत्तर हजार रुपये अब तक पीसीएफ के खाते में जमा नहीं किया। इन्हें शासकीय धन जमा करने का अवसर दिया गया। लेकिन जमा नहीं किए।
आगे बताया कि संयुक्त आयुक्त एवं संयुक्त निबंधक सहकारिता बस्ती मंडल के निर्देश पर अलग-अलग तहरीर कोतवाली में दी गई। जिसके आधार पर पुलिस ने गबन के आरोपी सचिव चंद्र प्रकाश सिंह और फील्ड ऑफिसर सत्यापन अधिकारी शिव कुमार मिश्र तथा सेवानिवृत्त सचिव संतराम के खिलाफ केस दर्ज किया।