खाद्य एवं रसद राज्य मंत्री लक्ष्मीकांत निषाद उर्फ पप्पू निषाद के जेल ले जाती पुलिस।
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महिला से मारपीट और धमकाने के आरोप में घिरे यूपी के खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद को शुक्रवार को जेल भेज दिया गया। दस साल पुराने मारपीट के मामले में गैरजमानती वारंट के बावजूद हाजिर नहीं होने पर पप्पू निषाद के खिलाफ यह कार्रवाई की गई।
प्रकरण छह जुलाई 2006 का है। उस वक्त पप्पू निषाद जिला पंचायत सदस्य थे और उनकी पत्नी हेमवंती निषाद बखिरा क्षेत्र के बेलहर गांव की प्रधान थीं। बेलहर की ही रहने वाली राम उजागिर की पत्नी चानमती ने अदालत में परिवाद दाखिल कर नाली-खड़ंजे के विवाद में पप्पू निषाद पर कुछ लोगों के साथ घर में घुसकर मारपीट करने और जमीन में दफन करने की धमकी का आरोप लगाया था। परिवाद में पप्पू निषाद के अलावा धीमन, रामलगन, सोमनाथ, जीतन, रामशब्द, रामबदन और ध्रुपचंद्र के भी नाम थे।
इस मामले में पप्पू निषाद के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुए थे मगर तय समय सीमा में वह कोर्ट में हाजिर नहीं हुए। शुक्रवार को सीजेएम कोर्ट में वकील कृष्णचंद्र श्रीवास्तव के माध्यम से पप्पू निषाद ने वारंट रिकॉल के लिए प्रार्थना पत्र दिया और वह खुद भी पेश हुए। वकीलों के पक्ष सुनने के बाद सीजेएम संजय कुमार गौड़ ने वारंट रिकॉल की अर्जी खारिज कर दी। इसके बाद उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
इस बीच परिवाद दाखिल करने वाली चानमती भी कोर्ट में पहुंचीं और पूर्व में बताए गए विवाद पर सुलहनामा दाखिल किया। माना जा रहा है कि इस पर अगली सुनवाई में संज्ञान लिया जाएगा।
दो दिन जेल में गुजारना तयः संतकबीरनगर। मारपीट के आरोप में अदालती निर्देश की अनदेखी में जेल भेजे गए सूबे के खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री लक्ष्मीकांत उर्फ पप्पू निषाद का रविवार तक जेल में रहना तय है। वकीलों के मुताबिक शनिवार और रविवार की छुट्टी के कारण उनकी जमानत अर्जी पर सुनवाई सोमवार (11 जुलाई) से पहले मुमकिन नहीं है।