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जिला पंचायत को मय ब्याज वापस करनी होगी रकम

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जिला पंचायत को मय ब्याज वापस करनी होगी रकम
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संतकबीरनगर। दुकान आवंटन के नाम पर लिए गए दस हजार रुपये को ब्याज समेत वापस करना होगा। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष अनिल सिंह और सदस्य सुशील देव ने 27 वर्ष पुराने मामले में जिला पंचायत अध्यक्ष और अपर मुख्य अधिकारी को इस संबंध में आदेश दिया है।
खलीलाबाद शहर के शास्त्रीनगर निवासी सुदामा सिंह पुत्र रामभजन सिंह ने अपने अधिवक्ता अंजय कुमार श्रीवास्तव के माध्यम से जिला उपभोक्ता फोरम में परिवाद दाखिल किया। उसमें कहा कि उन्हें दिसंबर 1994 में जानकारी मिली कि जिला परिषद वर्तमान में जिला पंचायत दस हजार रुपये अग्रिम लेकर खलीलाबाद में दुकान का आवंटन कर रही है। उन्होंने 20 दिसंबर 1994 को पंचायत कार्यालय में अपर मुख्य अधिकारी के पास दस हजार रुपये जमा कर रसीद प्राप्त की। जिला पंचायत कार्यालय की ओर से 15 दिन इंतजार करने का कहा गया। उसके बाद वे निरंतर संपर्क करते रहे, लेकिन उनके पक्ष में न तो दुकान का आवंटन किया गया और न ही जमा धनराशि वापस की गई। मजबूरन उन्हें उपभोक्ता फोरम की शरण लेनी पड़ी। फोरम में अपर मुख्य अधिकारी जिला बस्ती, अपर मुख्य अधिकारी संतकबीरनगर और जिला पंचायत अध्यक्ष की ओर से जवाब दाखिल हुआ। फोरम ने परिवाद पत्र में दाखिल साक्ष्यों व अन्य प्रपत्रों का अवलोकन करने के उपरांत जमा धनराशि दस हजार रुपये दिसंबर 1994 से वास्तविक भुगतान की तिथि तक 12 फीसदी ब्याज के साथ 60 दिन के अंदर वापस करने का आदेश जिला पंचायत अध्यक्ष व अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत संतकबीरनगर को दिया है। इसके अतिरिक्त शारीरिक व मानसिक क्षतिपूर्ति के एवज में दस हजार रुपये व वाद व्यय में दो हजार रुपये अतिरिक्त अदा करने का आदेश दिया है।
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दहेज हत्यारोपी पति को 14 वर्ष का कारावास
संतकबीरनगर। फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश काशिफ शेख ने दहेज हत्यारोपी पति को 14 वर्ष कारावास और दस हजार रुपये दंड लगाया है। अर्थदंड की अदायगी न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हेमंत मिश्र ने बताया कि बस्ती जिले के वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के पिपरा जप्ती निवासी मनिराम ने दुधारा पुलिस को प्रार्थनापत्र दिया। उसमें कहा कि उनकी नातिन प्रमिला की शादी परसोहिया गांव निवासी वृजेश से हुई थी। शादी के बाद से वृजेश व उसके पिता हरिराम, भाई प्रदीप व उसकी मां चंद्रावती दहेज की मांग करती थी। दहेज न मिलने पर सभी लोगों ने दो जून 2015 को फंदा लगाकर उसकी नातिन को मार डाला। दुधारा पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। विवेचक ने आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में गवाहों की गवाही कराई गई। कोर्ट ने पति को दोषी मानते हुए 14 वर्ष का कारावास और दस हजार रुपये दंड लगाया। अर्थदंड अदायगी न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। जबकि तीन अन्य आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। ब्यूरो
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