धर्मसिंहवा। परिषदीय विद्यालयों में शासन के निर्देश पर आयोजित किए जाने वाले समर कैंप की सिर्फ खानापूरी हाे रहा है। प्रचार-प्रसार व सूचना के अभाव और जिम्मेदारों की अनदेखी से शासन का यह प्लान फ्लॉप साबित हो रहा है। समर कैंप को सफल बनाने के लिए हेड मास्टर सहित शिक्षामित्र और अनुदेशकों को जिम्मेदारी दी गई है। सांथा ब्लॉक क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय खजुरी में शनिवार को देखा गया कि विद्यालय और गेट का ताला खुला था, लेकिन यहां पर न तो बच्चे थे और न ही शिक्षामित्र या अनुदेशक। इस विद्यालय पर शिक्षामित्र का एक भतीजा मौजूद था, जिसे शिक्षामित्र ने देखरेख करने को कहा था।
कंपोजिट विद्यालय राजेडीहा में शिक्षामित्र रेनू चार बच्चों को बैठाकर कैरम बोर्ड सिखाती मिलीं। यहां पर भी दूसरा सहयोगी शिक्षामित्र या अनुदेशक मौजूद नहीं था।
विद्यालय में रजिस्ट्रेशन के अनुपात के हिसाब से बच्चों की काफी कमी थी। उच्च प्राथमिक विद्यालय उड़सार में हेडमास्टर मोहम्मद इलियास खान व महिला शिक्षामित्र ही मौजूद दिखीं। विद्यालय पर एक भी बच्चा मौजूद नहीं दिखा।
कंपोजिट विद्यालय पसाई में हेडमास्टर अश्वनी कुमार के साथ एक शिक्षामित्र अब्दुल कलाम मौजूद रहे। यहां पर बच्चे खेलते-कूदते मिले बच्चों को कुछ देर बाद खाने के लिए केला वितरित किया गया। यहां पर एक शिक्षामित्र को और जिम्मेदारी दी गई है पर वह मौजूद नहीं थी।
समर कैंप सांथा क्षेत्र के 42 उच्च परिषदीय विद्यालयों में आयोजित होने का निर्देश दिया गया है। मांगलिक कार्यक्रमों के वजह से छात्र-छात्राओं की उपस्थिति में गिरावट है। हेडमास्टर शिक्षामित्र और अनुदेशकों को समर कैंप को सफल बनाने के निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है।