सांथा। क्षेत्र में छुट्टा पशुओं की बढ़ती समस्या से किसान परेशान हैं। किसानों का आरोप है कि खेतों की रखवाली के बावजूद मौका मिलते ही छुट्टा पशुओं के झुंड खेतों में घुसकर फसलों को भारी नुकसान पहुंचा देते हैं, जिससे उनकी मेहनत और लागत दोनों पर पानी फिर जाता है। इसके बावजूद छुट्टा पशुओं को पकड़ने के लिए उपलब्ध कराई गई कैटल कैचर वाहन शोपीस बनकर रह गई है।
बेलहर कला विकास खंड परिसर में लगभग आठ लाख रुपये की लागत से उपलब्ध कराई गई कैटल कैचर वाहन लंबे समय से खड़ी होकर धूल फांक रही है। क्षेत्रीय किसानों का कहना है कि यदि इस वाहन का नियमित संचालन किया जाए तो सड़कों और खेतों में घूम रहे छुट्टा पशुओं को पकड़कर गोशालाओं तक पहुंचाया जा सकता है, जिससे किसानों को काफी राहत मिलेगी। दिन-रात खेतों की निगरानी करने के बाद भी छुट्टा पशु फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। धान, मक्का, सब्जी तथा अन्य फसलों को सबसे अधिक नुकसान हो रहा है। कई किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए रात खेतों में बितानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार द्वारा छुट्टा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, लेकिन उनका प्रभावी उपयोग नहीं होने से समस्या जस की तस बनी हुई है। क्षेत्र के अब्दुला खान , राजकुमार, अशोक कुमार, सुनील कुमार आदि किसानों ने प्रशासन से कैटल कैचर वाहन को तत्काल संचालित कर छुट्टा पशुओं को पकड़ने तथा उन्हें सुरक्षित आश्रय स्थलों तक पहुंचाने की मांग की है, ताकि किसानों की फसलों को नुकसान से बचाया जा सके और उन्हें राहत मिल सके।
किसी भी ग्राम पंचायत से ग्रामीणों की शिकायत पर कैटल कैचर वाहन को छुट्टा पशुओं को पकड़ने के लिए भेजा जाता है। यदि कोई समस्या आ रही है तो उसका भी निदान कराया जाएगा।
पंकज सिंह , एडीओ पंचायत