- पीएचसी चुरेब में प्रसूता की मौत का मामला, मृतका के ससुर की तहरीर पर पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र की चुरेब पीएचसी में प्रसूता की मौत के ममले में सोमवार को पुलिस ने स्टाफ नर्स और मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया। मृतका के ससुर ने तहरीर दी कि कि स्टाफ नर्स ने पांच हजार रुपये मांगे थे, न देने पर इलाज में लापरवाही की। मेडिकल स्टोर से खरीद कर लाई गई दवा भी गलत थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
कोतवाल सतीश कुमार सिंह ने बताया कि भाटपार के रामचंदर ने तहरीर में बताया है कि उनकी बहू कमलावती देवी पत्नी रामहिरावन विश्वकर्मा को 21 दिसंबर को सुबह छह से सात बजे के बीच प्रसव पीड़ा होने लगी। आशा के माध्यम से करीब 7:30 बजे चुरेब पीएचसी में भर्ती किया गया। स्टाफ नर्स कल्पना ने नार्मल डिलीवरी कराई। मरीज से मिलाने के लिए परिवार वालों से पांच हजार रुपये की मांग की। 500 रुपये देने पर उसने लेने से इन्कार कर दिया और डांटकर भगा दिया। मरीज की देखभाल में लापरवाही की।
दोपहर करीब दो बजे तबीयत बिगड़ने पर पर्चे पर कुछ दवाएं लिखी और अस्पताल गेट पर सुरेंद्र चतुर्वेदी की दुकान से लाने को कहा। इंजेक्शन लाने और उसे लगाने के बाद बहू की हालत और बिगड़ गई। लोगों ने जब इंजेक्शन पर संदेह जताया तो दवा का अवशेष अस्पताल के सामने पोखरे में फेंक दिया। बहू की मौत के बाद स्टाफ नर्स ने अपने वाहन से उसे प्राइवेट अस्पताल में भेज दिया। वहां पता चला कि बहू की पहले ही मौत हो चुकी थी। कोतवाल ने बताया कि आरोपी स्टाफ नर्स एवं मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ केस दर्जकर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ ने दी कार्य बहिष्कार की चेतावनी
संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ ने सीएमओ को पत्र भेजकर कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी। संघ के अध्यक्ष राजेश पांडेय एवं उपाध्यक्ष विक्रम चौधरी ने पत्र में बताया है कि 21 दिसंबर को पीएचसी चुरेब में प्रसव के बाद तबीयत खराब होने पर डाॅ. अतुल श्रीवास्तव और स्टाफ नर्स कल्पना वर्मा ने महिला को संयुक्त जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। साथ ही सीएचसी अधीक्षक खलीलाबाद को टेलीफोन से सूचना दे दी। प्रसूता को उनके परिजन प्राइवेट अस्पताल लेकर चले गए। प्रसूता की मौत के बाद अस्पताल की एंबुलेंस से शव को चुरेब लाकर भीड़ के साथ चिकित्सक और महिला स्टाफ नर्स पर आरोप लगाने लगे। पुलिस ने स्टाफ नर्स कल्पना वर्मा को कस्टडी में ले लिया। उसे तीन दिन से कोतवाली में बैठाया गया है। जनपद में आए दिन ऐसी घटनाएं हो रही हैं। इससे प्रसव केंद्रों में तैनात स्टाफ नर्स और एएनएम समेत समस्त स्वास्थ्य कर्मियों में भय और डर का माहौल है। उन्होंने महिला स्वास्थ्य कर्मी को तत्काल कोतवाली से छोड़ने और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। ऐसा नहीं होने पर समस्त कर्मी कार्य बहिष्कार के लिए बाध्य होंगे।