संतकबीरनगर। जिला मुख्यालय पर कई परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं। इन परियोजनाओं को पूरा होने में बजट रोड़ा बना हुआ है। इन परियोजनाओं के लिए तकरीबन 9 करोड़ रुपये बजट की आवश्यकता है। हालांकि नगर पालिका प्रशासन ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। मगर अब तक बजट न मिलने से कार्य काफी प्रभावित हो रहा है और शहरवासियों को भी परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
शहर में प्रसिद्ध समय माता मंदिर स्थित पोखरे को पर्यटन के दृष्टिकोण से विकसित करने के लिए कार्य शुरू कराया गया था। इसके तहत चहारदीवारी कराने के के साथ ही पोखरे के दो तरफ साढि़यां बनाई गई हैं और लाइटें लगाई गई हैं। इस कार्य पर करीब डेढ़ करोड़ खर्च हो चुका है। अब बजट के अभाव में कार्य ठप हो गया है। नगर पालिका प्रशासन ने परियोजना को पूर्ण कराने के लिए चार करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर छह माह पहले शासन को भेजा था, लेकिन अभी तक बजट उपलब्ध नहीं हो सका है।
यहां पर लोगों के बैठने के लिए बेंच, बीच में फौव्वारा, बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले लगाए के साथ ही दो तरफ सीढि़यां बनाने और उत्तर तरफ दुकानें बनाई जानी है। कार्य ठप होने से पोखरे में इस समय जलकुंभी उग आई है। शहर के निवासी पवन कुमार, राकेश कुमार आदि ने बताया कि यदि पोखरे का सुंदरीकरण कार्य पूर्ण हो जाए तो लोगों को काफी लाभ मिलेगा और मनोरंजन के साधन उपलब्ध हो जाएगा।
वहीं शहर के विधियानी मोड़ से रेलवे स्टेशन जाने वाले मार्ग के चौड़ीकरण का प्रस्ताव है। इसको लेकर कई बार आंदोलन हो चुके हैं और मामला डीएम तक पहुंचा था। इसके बाद पालिका प्रशासन ने सड़क के चौड़ीकरण के लिए 3.98 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर तीन माह पहले शासन को भेजा था, लेकिन अभी तक इसके लिए बजट नहीं मिल सका है। क्षेत्र के निवासी आनंद कुमार, अरविंद कुमार आदि ने बताया कि यह सड़क बन जाए तो जहां आना-जाना आसान हो जाएगा, जाम की समस्या से राहत मिल सकती है।
इसके साथ ही शहर के बनियाबारी से खुदवा नाला का निर्माण भी अधूरा पड़ा है। कारण बजट कम पड़ना बताया जा रहा है। इस नाले के निर्माण पर अब तक 39 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। क्षेत्र के निवासी धर्मेंद्र कुमार, अश्वनी पांडेय आदि ने बताया कि यदि नाला का निर्माण कार्य पूर्ण हो जाए तो जल भराव की समस्या से राहत मिल सकती है।
कोट
शहर में जो परियोजनाएं बजट के अभाव में रुकी पड़ी हैं, उसके लिए शासन को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही बजट उपलब्ध हो जाएगा। इसके बाद परियोजनाओं को पूर्ण करा दिया जाएगा।
-अवधेश कुमार भारती, ईओ नगर पालिका परिषद खलीलाबाद