संतकबीरनगर। पर्यटकों को लुभाने के लिए प्रशासन लगातार प्रयासरत है। कबीर की परिनिर्वाण स्थली पर जहां विकास के कार्य कराए जा रहे हैं वहीं बखिरा पक्षी बिहार को भी पर्यटन की दृष्टिकोण से विकसित किया जा रहा है। प्रशासन ने अब गौतम बुद्ध से जुड़े स्थलों को विकसित करने का प्रस्ताव तैयार कर पर्यटन विभाग के जरिए शासन को भेजा है। इसमें धर्मसिंहवा और कोपिया बौद्ध टीला शामिल है। इस पर करीब दस करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
धर्मसिंहवा कस्बे में लगभग 2700 वर्ष पुराना बौद्ध स्तूप है, यह काफी समय से उपेक्षित पड़ा है। अगस्त 2020 में बारिश के कारण स्तूप भरभरा कर गिर गया था। इसके बाद पर्यटन विभाग को बौद्ध स्तूप के पुनरुद्धार के लिए 48 लाख रुपये अवमुक्त हुए थे। इस बीच बौद्ध स्तूप के ढांचे को पुराना स्वरूप देने का कार्य किया गया है। अब इस स्थान को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी की जा रही है। इसके तहत सुंदरीकरण, इंटरलॉकिंग सड़क, पथ प्रकाश व्यवस्था, यहां आने वाले लोगों के बैठने के लिए बेंच आदि कार्य कराए जाएंगे।
इसके साथ बौद्ध स्थल कोपिया को भी पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यहां पर भी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए सुंदरीकरण के कार्य कराए जाएंगे। योजना के तहत टीले के संरक्षण के साथ ही बाउंड्रीवाल, इंटरलाॅकिंग, बैठने के लिए बेंच, पार्क आदि विकसित किए जाने की तैयारी है। बताया जाता है कि सैकड़ों वर्ष पूर्व कोपिया (अनुपिया) में राजा शुद्धोधन का राजमहल था। यही से ज्ञान की तलाश में गौतम बुद्ध आमी नदी के किनारे वस्त्र त्याग कर विश्व भ्रमण पर निकल पड़े थे।
जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित कोपिया स्थित बुद्ध का टीला पर अब भी तमाम अवशेष मिलते रहते हैं। ऐसे में अब प्रशासन इस स्थल के विकास के लिए गंभीर प्रयास शुरू किए हैं।
पर्यटकों के आने से बढ़ेगी व्यवसायिक गतिविधियां
धर्मसिंहवा व कोपिया में पर्यटन विकास के कार्य होने से पर्यटक आकर्षित होंगे। मगहर और बखिरा पक्षी बिहार आने वाले पर्यटक धर्मसिंहवा व कोपिया टीले पर आकर आनंद लेंगे। इससे आस-पास के क्षेत्रों में व्यवसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी। इससे लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। साथ ही क्षेत्र का विकास भी तेजी से होने की उम्मीद है।
कोट
धर्मसिंहवा व कोपिया के बौद्ध स्थल को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। पर्यटन विभाग के जरिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। उम्मीद है कि जल्द ही इसकी स्वीकृति मिल जाएगी। इसके बाद कार्य शुरू करा दिए जाएंगे।
-महेंद्र सिंह तंवर, डीएम