सार्वजनिक भूमि पर अवैध निर्माण का आरोप
- रोक के बाद भी कराए जा रहा काम
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। क्षेत्र के भरवल परबता गांव में स्थित सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा किए जाने का आरोप लगाते हुए गांव के लोगों ने निर्माण कार्य को रोके जाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि तहसीलदार द्वारा निर्माण कार्य पर रोक भी लगाया गया है लेकिन रात के अंधेरे में कार्य कराया जा रहा है।
गांव निवासी चंद्रावती, मिश्रीलाल, महानंद पाल, गया, नागेंद्र, संतोष आदि का आरोप है कि गांव में बहुत ही पुराना शिव मंदिर है। दो वर्ष पहले उस मंदिर का सुंदरीकरण कराया गया था। जिसका उद्घाटन तत्कालीन राज्यमंत्री श्रीराम चौहान ने किया था। मंदिर के अगल-बगल और सामने ग्राम सभा की भूमि है। जिस पर बैठकर लोग भजन-कीर्तन करने का काम करते हैं। उस जमीन पर गांव निवासी दो लोग अवैध रूप से मकान का निर्माण करा रहे हैं। निर्माण रोकने के लिए तहसीलदार को प्रार्थना पत्र दिया गया। तहसीलदार के आदेश पर लेखपाल और कानूनगो आकर पैमाइश किए। पैमाइश के बाद तहसीलदार ने निर्माण कार्य को रोक दिया। इसके बावजूद रात के अंधेरे में सार्वजनिक भूमि पर अवैध कब्जा करने की कोशिश जारी है।
दूसरी तरफ ग्राम प्रधान राकेश उर्फ मुन्नू पाल का कहना है कि जिस जमीन पर मकान का निर्माण कराया जा रहा है। उस जमीन से शिव मंदिर की दूरी काफी है। गांव के लोग बेबुनियाद आरोप लगाकर गरीबों को परेशान कर रहे हैं। इस संबंध में तहसीलदार रत्नेश तिवारी ने कहा कि भरवल परबता गांव के ग्राम समाज की भूमि पर किसी को अवैध रूप से कब्जा नहीं करने नहीं दिया जाएगा। यदि कोई सार्वजनिक जमीन पर अवैध कब्जा की कोशिश कर रहा है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।