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प्रभा सेवा समिति के प्रबंधक वैभव की जमानत मंजूर

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प्रभा सेवा समिति के प्रबंधक वैभव की जमानत मंजूर
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अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। शराब प्रकरण में जेल गए वैभव चतुर्वेदी की जमानत मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने स्वीकार कर ली। सत्यापन के बाद वह जेल से छूट जाएंगे।
पहली दिसंबर 2019 को पुलिस ने इंडस्ट्रियल एरिया खलीलाबाद से कंटेनर, टैंकर और प्लाट संख्या ई- 22 से हरियाणा निर्मित शराब बरामद की थी। इस मामले में आठ आरोपियों को जेल भेजा गया था। इधर शुक्रवार को पुलिस ने प्लाट संख्या ई-22 के मालिक और प्रभा सेवा समिति के प्रबंधक वैभव चतुर्वेदी पर कार्रवाई कर दी। एक महीने बाद उन्हें जेल भेजने पर पुलिस पर सवाल उठने लगे थे। लोगों का कहना था कि प्रभा सेवा समिति के नाम से आवंटित प्लाट मुर्गी दाने के कारोबार के लिए किराए पर दिया गया था। किरायानामा कराने के आरोप में पहले ही उनके करीबी हरिशंकर सिंह पर पुलिस कार्रवाई कर चुकी थी। ऐसे में इतने दिनों बाद वैभव चतुर्वेदी पर कार्रवाई में कहीं न कहीं राजनीतिक दबाव जरूर है।
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दबाव में कराई गई कार्रवाई : विजय
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। इंडस्ट्रियल एरिया खलीलाबाद से कंटेनर, टैंकर और प्लाट संख्या ई- 22 से हरियाणा निर्मित शराब बरामदी के मामले में पहली दिसंबर को गिरफ्तार प्रभा सेवा समिति के प्रबंधक वैभव चतुर्वेदी की जमानत स्वीकार किए जाने पर उनके समर्थकों और शुभेच्छुओं ने खुशी जताई है।
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प्रभा सेवा समिति के समन्वयक विजय राय, विकास सिंह और राजेश पांडेय ने कहा कि उनकी शैक्षणिक संस्था से पांच हजार से अधिक बेरोजगार लोग जुड़े हैं। समिति सामाजिक कार्यों पर प्रति वर्ष लाखों रुपये खर्च करती है। ऐसे में संस्था के प्रबंधक वैभव चतुर्वेदी की बढ़ती लोकप्रियता से हताश कुछ लोगों ने पुलिस पर दबाव डालकर गलत तरीके से उनके खिलाफ कार्रवाई कराई है। इसे जनता भी समझ रही है। कोर्ट पर उनकी संस्था को पूरा विश्वास है।
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