थाने में व्यापारी की पिटाई का मामला पकड़ रहा तूल
पीड़ित व्यापारी ने एसओ को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। बुधवार की देर शाम थाने में व्यापारी की हुई पिटाई का मामला तूल पकड़ रहा है। वैसे दोषी पूर्व एसओ समेत तीन पुलिस कर्मी निलंबित हो चुके हैं। शनिवार को पीड़ित व्यापारी थाने पहुंचा और एसओ को तहरीर देकर दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की।
लहुरेगांव निवासी शैलेंद्र वर्मा पुत्र राजाराम का आरोप है कि छह अक्तूबर की शाम करीब आठ बजे धनघटा पुलिस उसके घर पहुंची और उसे बुलाकर थाने ले गई। थाने पर पहुंचा तो देखा कि उसके पट्टीदार राजकुमार और उनके पुत्र अंकित वर्मा व आदर्श वर्मा पहले से बैठे हुए हैं। आरोप है कि तत्कालीन थानाध्यक्ष अनिल कुमार दुबे उसे और भाई प्रदीप वर्मा व सुधीर वर्मा को अपशब्द कहते हुए मारने-पीटने लगे। उसके बाद एसआई अमरनाथ यादव व संतरी ड्यूटी पर मौजूद सिपाही शिवशंकर चौबे, कांस्टेबल संजय सिंह, अरविंद तथा अन्य पुलिस वालों को बुलाकर मारने-पीटने को कहा। जिस पर एसओ समेत अन्य पुलिसकर्मियों ने उसे तथा भाइयों को मारपीट कर घायल कर दिया। शैलेंद्र का आरोप है कि उसको लॉकअप के पास ले जाकर बर्बरतापूर्वक मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। पिटाई की वजह से उसे खून की उल्टी भी हुई। आरोप है कि तीनों भाइयों का मोबाइल, पैसा, आधार कार्ड, हाथ में पहने चांदी का ब्रेसलेट, बाइक व दुकान की चाबी भी छीन लिए। पुलिस की पिटाई से गंभीर रूप से घायल होने के बाद शैलेंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मलौली ले जाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल से फिर मेडिकल कॉलेज गोरखपुर भेजा गया। पीड़ित ने शनिवार को थानाध्यक्ष धनघटा को तहरीर देकर केस दर्ज किए जाने की मांग की। एसओ विनय कुमार पाठक ने बताया कि तहरीर की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
व्यापारी की पिटाई करने वाले पुलिस कर्मियों की हो गिरफ्तारी: गौहर अली
पीड़ित व्यवसायी से मिला सपा का प्रतिनिधिमंडल और जाना हाल
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। थाने में पुलिस की पिटाई से घायल हुए व्यापारी के घर शनिवार को सपा जिलाध्यक्ष गौहर अली के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित व्यापारी शैलेंद्र वर्मा से घटना की जानकारी जुटाई। उसके बाद दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार किए जाने की मांग की। कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन किए जाने की प्रशासन को चेतावनी दी।
सपा जिलाध्यक्ष गौहर अली ने कहा कि धनघटा पुलिस ने निर्दोष व्यापारी की पिटाई करके अंग्रेजी हुकूमत की याद ताजा कर दी है। पूर्व थानाध्यक्ष धनघटा अनिल कुमार दुबे और उनके सहयोगी पुलिसकर्मियों ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दी हैं। ऐसे पुलिस वालों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कड़ी कार्रवाई की जाए नहीं तो समाजवादी पार्टी वृहद आंदोलन करने को बाध्य होगी। पूर्व विधायक अलगू प्रसाद चौहान ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति बहुत ही दयनीय है। जनता का सुरक्षा करने की जिम्मेदारी उठाने वाली पुलिस अपराधियों जैसा सलूक आम लोगों से कर रही है। जिससे साफ जाहिर है कि प्रदेश में जंगलराज कायम हो गया है। उन्होंने कहा कि धनघटा के दोषी पुलिसकर्मी यदि जल्द से जल्द जेल नहीं भेजे गए तो समाजवादी पार्टी आर-पार की लड़ाई लड़ने को बाध्य होगी। इस मौके पर जिला पंचायत अध्यक्ष बलिराम यादव, राम दरश यादव, लोरिक यादव, जयराम यादव, आलोक उर्फ सोनू यादव, राहुल यादव बादल, लाल बहादुर यादव, राहत हुसैन, केशव राजभर, महेश वर्मा, संतोष यादव, श्यामदेव यादव आदि मौजूद रहे।