हड़ताल पर बैंककर्मी, उपभोक्ता परेशान
- निजीकरण रोकने व पुरानी पेंशन बहाली की मांग
- मंगलवार को भी हड़ताल पर रहेंगे कर्मी : विजय सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। सरकार की आर्थिक और श्रमिक विरोधी नीतियों के विरोध में सोमवार को ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन विभिन्न बैंकों व एलआईसी ऑफिस में ताला लटका रहा। जिससे उपभोक्ताओं को निराश होकर लौटने को मजबूर होना पड़ा।
इस दौरान बैंक कर्मियों ने लेबर कोड को समाप्त करने, निजीकरण को रोकने, मनरेगा के तहत मजदूरी के लिए आवंटन बढ़ाने और कॉंट्रैक्ट वर्कर्स को रेगुलर करने व पुरानी पेंशन बहाली की मांग की। बैंकों की इस हड़ताल में स्टेट बैंक को छोड़कर पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक, बैंक आफ बडौदा, इंडियन बैंक, एक्सिस बैंक, सेंट्रल बैंक बंद रहे। इस दौरान बैंक पहुंचे उपभोक्ताओं को निराश होकर लौटना पड़ा।
बैंक यूनियन के जिला मंत्री विजय सिंह ने कहा कि मंगलवार को भी बैंकों में हड़ताल रहेगी। इस दौरान नवीन कुमार श्रीवास्तव, जितेंद्र कुमार, धर्मेंद्र कुमार, अखिलेश सिंह, बालानंद, गनेश कुमार, विष्णु, मुरली, पंकज, सरफराज आदि मौजूद रहे।
दूसरी तरफ गोरखपुर डिवीजन इंश्योरेंस इंप्लाइज यूनियन के तत्वाधान में भारतीय जीवन बीमा निगम के कर्मी भी हड़ताल में शामिल हुए। इस दौरान खलीलाबाद शाखा के गेट पर कर्मचारियों ने सरकार की कर्मचारी एवं जनविरोधी नीतियों के खिलाफ नारेबाजी एवं प्रदर्शन किया। शाखा संगठन के अध्यक्ष कामरेड अशोक राय ने सरकार से एफडीआई वापस लेने की मांग की। महामंत्री कामरेड बाल मुकुंद तिवारी ने निजीकरण का विरोध किया एवं पुरानी पेंशल बहाल करने की मांग की। इस दौरान महबूब अली, सदानंद, रामचंद्र पटेल, पवन कुमार, नीरज यादव, अमित मौर्य, शशांक त्रिपाठी, महेंद्र सिंह, जगदीश प्रसाद, श्वेता यादव, रवि त्रिपाठी कंचन, अदिति, अमृता, शिखा, अनुपमा, सौम्या, सौरभ, विनम निगम आदि उपस्थित रहे।