संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कृष्ण कुमार पंचम की अदालत ने नाबालिग के साथ लगभग पांच वर्षों से शारीरिक संबंध बनाए जाने व पीड़ित के गर्भवती होने के मामले में आरोपी जयभीम की जमानत को सुनवाई के बाद निरस्त कर दी।
विशेष लोक अभियोजक फौजदारी अभिमन्यु पाल ने बताया कि थाना महुली अंतर्गत एक गांव की पीड़िता की मां ने प्रभारी निरीक्षक थाना महुली को प्रार्थना पत्र दिया कि उसकी पुत्री के साथ आरोपी पांच वर्षों तक शादी का झांसा देकर यौन शोषण कर रहा है। जिस से उसकी बेटी को चार माह का गर्भ है। इस मामले में थाना महुली में केस दर्ज हुआ। अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कृष्ण कुमार पंचम की अदालत में आरोपी ने अपना जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया। विशेष लोक अभियोजक फौजदारी ने जमानत का विरोध किया। कोर्ट ने पक्षों की बहस सुनने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य और मामले के उपरोक्त तथ्य एवं परिस्थितियों अपराध की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए आरोपी जय भीम का जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया।