मृतका के घर पहुंचे एसपी सत्यजीत गुप्ता और डीएम महेंद्र सिंह तंवर
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सुभासपा महिला विंग की प्रदेश महासचिव नंदिनी राजभर की हत्या के मामले में पांच लोगों पर केस दर्ज हुआ है। इसमे एक पहले से जेल में बंद है, जबकि चार आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस ने देर रात कर ली है। एक आरोपी फरार चल रहा है। पुलिस की मौजूदगी में नंदिनी राजभर का शव मगहर के आमी नदी के तट पर दफनाया गया है।
डीएम महेंद्र सिंह तंवर रविवार की सुबह दोबारा घटनास्थल पर पहुंचे। बताया कि नंदिनी राजभर के चचिया ससुर का शव 29 फरवरी को रेलवे ट्रैक पर मिला था। मृतका के चचिया ससुर ने कुछ समय पहले अपनी एक जमीन बेची थी। इस बिक्री में तय रकम से कम पैसे दिए जाने और जमीन बेचे जाने के बाद पूरे रुपये नहीं दिए जाने से वो आहत थे।
इन्हीं कारणों की वजह से उन्होंने आत्महत्या कर ली थी। इस संबध में खलीलाबाद कोतवाली में केस भी दर्ज है। परिजनों ने तहरीर दी है, जिसके मुताबिक, उसी मुकदमे में पैरवी करने की वजह से हत्या का बात सामने आ रही है। पुलिस ने 5 में से 4 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
परिजनों ने बताया कि इस मामले में नंदिनी पैरवी कर रही थी कि जमीन वापस मिल जाए या पूरी रकम वापस मिल जाए, जिससे विपक्षी नाराज चल रहे थे और पैरवी न करने का दबाव बना रहे थे। पैरवी करने की वजह से नंदिनी की हत्या हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर पर किसी भारी चीज वार करने की वजह से मौत होना बताया गया है। इसके साथ ही हाथ और चेहरे पर गहरे कट के निशान भी हैं।
सपा नेताओं को रोकती पुलिस
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सोमवार की सुबह नंदनी राजभर हत्याकांड मामले में सपा का प्रतिनिधिमंडल डीघा गांव पहुंचा था। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव व विधायक राम अचल राजभर, पूर्व विधायक जय चौबे के साथ सपा के प्रतिनिध मंडल को पुलिस और प्रशासन में गांव के पास ही रोक लिया। सपा नेताओं ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने शुरू कर दिया। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि सांसद मृतका के घर जा सकते हैं, लेकिन हम लोग नहीं जा सकते हैं। हंगामे के बीच पुलिस सपा नेताओं के दल को हिरासत में लेकर डॉ बंगला लेते आई।
मृतका नंदिनी राजभर( फाइल फोटो)
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ये थी घटना
बता दें, रविवार दोपहर सुभासपा की प्रदेश महासचिव नंदिनी राजभर की हत्या कर दी गई थी. महिला नेता अपने घर के कमरे में बिस्तर के नीचे जमीन पर लहूलुहान पड़ी मिलीं. उनके गले पर तेज धार से हमला किया गया था. बताया जा रहा है कि उन्हें कई दिन से धमकियां मिल रही थीं।