पति को खोजने के लिए कोतवाली में पहुंची प्रार्थना पत्र देने पहुंची अर्चना।
संतकबीरनगर। कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र के उमरीकला गांव की निवासी अर्चना देवी पिछले ढाई साल से अपने लापता पति को ढूंढ रही है। वह हर जगह जाती है, लेकिन उसकी फरियाद अनसुनी कर दी जाती है। तीन बच्चे भी पिता की राह देख रहे हैं। परिवार के लोगों ने भी उसका साथ छोड़ दिया है। इसके चलते वह दर-दर भटकने को मजबूर है।
अर्चना ने बताया कि उसके पति सुरेंदर गत 5 जुलाई 2022 को भुअरिया चौराहे पर सामान लेने के लिए गए थे। इसी दौरान वह लापता हो गया। इसके बाद से ही वह वापस नहीं आया। उसने उसकी बहुत खोजबीन की, लेकिन कहीं भी कोई सुराग नहीं मिला। मुकामी थाने पर भी गई, लेकिन पुलिस ने कोई ध्यान नहीं दिया। सुरेन्द्र के लापता होने के बाद उसके सास ससुर के साथ ही देवर, देवरानी अलग रहने लगे। साथ ही सास भी अलग रहने लगी। पूरे परिवार ने उसका साथ छोड़ दिया। किसी तरह से एक निजी स्कूल में झाड़ू पोछा करके अपने बच्चों का पेट पाल रही है।
अर्चना का कहना है लगातार थाने तक फरियाद लगाती रही, लेकिन कहीं उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। शुक्रवार को उसने पुन: कोतवाली खलीलाबाद में प्रार्थना पत्र देकर अपने पति को खोजने की गुहार लगाई है। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी सतीश कुमार सिंह ने बताया कि इस तरह का कोई मामला सामने नहीं आया है। अगर मामला सामने आएगा तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बच्चों ने भी छोड़ दी पिता के लौटने की आस
अर्चना के तीन बच्चों में राज सबसे बड़ा है और 13 साल का है। पिता की मौत के बाद उसने पढ़ना छोड़ दिया। वहीं उससे छोटी 12 साल की बेटी अंशिका सातवीं कक्षा में पढ़ती है। 8 साल का युवराज तीसरी कक्षा का छात्र है। बच्चों ने भी अब पिता के लौटने की आशा छोड़ दी है।