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Sant Kabir Nagar News: अधिवक्ताओं ने कलक्ट्रेट का किया घेराव, अपर एसडीएम को कक्ष से बाहर निकाला

Fri, 06 Sep 2024 11:24 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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- कासगंज में महिला अधिवक्ता की हत्या के विरोध में पहुंचे थे कलक्ट्रेट
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- अपर एसडीएम के संतोषजनक जवाब न देने पर भड़के अधिवक्ता

संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। कासगंज में महिला अधिवक्ता की हत्या से नाराज दीवानी न्यायालय के अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को कलक्ट्रेट का घेराव किया। इस दौरान डीएम के न मिलने पर नाराज अधिवक्ताओं ने अपर एसडीएम से जब इसकी जानकारी ली तो उन्होंने सही जवाब नहीं दिया, जिस पर अधिवक्ताओं ने एसडीएम को डीएम कक्ष से बाहर निकाल कर दरवाजा बंद कर दिया। अधिवक्ता धरने पर बैठ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। सूचना पर प्रभारी डीएम जय प्रकाश पहुंच गए और अधिवक्ताओं से ज्ञापन लेकर समझा-बुझाकर वापस किए। करीब आधे घंटे तक कलक्ट्रेट में अफरा-तफरी का माहौल रहा।
शुक्रवार को दीवानी न्यायालय परिसर स्थित अधिवक्ता चेंबर में जिले के अधिवक्ताओं की आम सभा की बैठक हुई। इसमें कासगंज में महिला अधिवक्ता की हत्या के मामले में कासगंज बार एसोसिएशन के अध्यक्ष व मंत्री के आह्वान पर अधिवक्ता मोहिनी तोमर के हत्यारों की गिरफ्तारी जल्द से जल्द करने के लिए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को देने पर चर्चा हुई।
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इसके बाद जनपद और सिविल बार एसोसिएशन के अधिवक्ता पैदल ही कलक्ट्रेट पहुंच गए और डीएम कक्ष का घेराव शुरू कर दिए। कलक्ट्रेट पर डीएम महेंद्र सिंह तंवर नहीं थे, जिसके बाद वहां मौजूद अपर एसडीएम से डीएम के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि डीएम दौरे पर हैं। इसके बाद अधिवक्ताओं ने डीएम को फोन मिला दिया तो डीएम ने बताया कि वह छुट्टी पर हैं।
इतना सुनते ही अधिवक्ता भड़क गए और अपर एसडीएम को डीएम कक्ष से बाहर कर दिया। इसके बाद कक्ष को बंद कर दिया और वहीं धरने पर बैठ गए। सूचना पर प्रभारी डीएम जय प्रकाश पहुंच गए और अधिवक्ताओं से ज्ञापन लिया। साथ ही समझा-बुझाकर वापस किया।
सिविल बार एसोसिएशन अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार मिश्र ने कहाकि तीन सितंबर को कासगंज की महिला अधिवक्ता मोहिनी तोमर की अपहरण कर हत्या कर दी गई। मामले में पूरे प्रदेश के अधिवक्ता के मन में असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो गई है। बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश सरकार को अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम का ड्राफ सौंपे जाने के बाद भी अभी तक अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम से संबंधित कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
प्रदेश में बढ़ रहे अधिवक्ताओं के विरुद्ध घटनाओं से पूरा अधिवक्ता समाज अक्रोशित है। अधिवक्ता मोहिनी तोमर के हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी कर उनके परिवार को एक करोड़ की सहायता राशि दिलाते हुए अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम लागू करने की मांग की गई है।
इस दौरान महामंत्री राकेश जी मिश्र, जनपद बार एसोसिएशन महामंत्री सुनील कुमार पांडेय, पूर्व अध्यक्ष महिप बहादुर पाल, शशि ओझा, नवनीत कुमार पांडेय, चतुरजी शुक्ल, दुर्गेश नारायण मिश्र आदि मौजूद रहे।


कलक्ट्रेट में हंगामा के चलते निराश लौटे फरियादी
कलक्ट्रेट पर अधिवक्ताओं के घेराव को लेकर आधे घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। अधिवक्ता सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे, जिससे अन्य फरियादियों को लौटना पड़ा। डीएम कक्ष से अपर एसडीएम को बाहर निकालने और दरवाजा बंद करने की वजह से फरियादियों की समस्याएं नहीं सुनी जा सकीं।

अधिवक्ताओं के जाने के बाद पहुंची पुलिस फोर्स
कलक्ट्रेट पर अधिवक्ताओं के प्रदर्शन और घेराव के बाद जब अधिवक्ता लौट गए तो कोतवाली पुलिस और अन्य अधिकारी पहुंचे। हालांकि प्रभारी डीएम जय प्रकाश ने अधिवक्ताओं को समझा-बुझाकर वापस कर दिया था। पुलिस के देरी से पहुंचने को लेकर खूब चर्चा रही।
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प्रदेश भर में अधिवक्ताओं को अपराधियों द्वारा निशाना बनाया जा रहा है। अधिवक्ता सुरक्षित नहीं है। अपहरण और हत्या की घटना लगातार हो रही हैं। अधिवक्ता समाज अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग कई वर्षों से कर रहा है। शनिवार को भी इसी मांग को लेकर अधिवक्ता न्यायिक कार्य में सहयोग नहीं करेंगे।

- महीप बहादुर पाल, अध्यक्ष, सिविल बार एसोसिएशन
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