धनघटा। उपनिबंधक कार्यालय धनघटा तहसील परिसर में बनाए जाने की मांग को लेकर तीन माह से अधिवक्ता आंदोलन पर है। अधिवक्ताओं के आंदोलन से वादकारी जहां परेशान हैं वहीं अधिकारी खामोशी अख्तियार किए हुए हैं। इस मामले का निस्तारण न होने से लोगों में आक्रोश भी देखा जा सकता है।
तहसील सृजन के बाद अधिवक्ताओं का इतना लंबा चलने वाला आंदोलन वादकारियों के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। मंगलवार को आंदोलित अधिवक्ताओं ने कहा कि धनघटा तहसील परिसर में ओम निबंधक कार्यालय का निर्माण किया जाना जनहित में है।
लेकिन जिले के कुछ अधिकारी जानबूझकर इस कार्य में अड़ंगा डाले हुए हैं। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हनुमान प्रसाद चौधरी और वरिष्ठ अधिवक्ता लाल शरण सिंह ने कहा कि अधिवक्ता अपनी जायज मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।
लेकिन अधिकारी अधिवक्ताओं की राह में रोड़ा रखने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। शीघ्र ही अधिवक्ता उप निबंधक कार्यालय का घेराव करेंगे।
वहीं दूसरी तरफ वादकारी परशुराम चौधरी, पवन कुमार, रामभरोस, रामेश्वर, घनश्याम आदि का कहना था कि अधिवक्ताओं के आंदोलन से तहसील का काम काज पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है। न तो मुकदमे की सुनवाई हो रही है और न हीं नया मुकदमा दाखिल हो पा रहा है।
इस मौके पर प्रेम नारायण मिश्र, प्रभु नाथ यादव, राधेश्याम मौर्य, अन्नपूर्णा मांझी, रविशंकर पांडे, दिलीप राय, सुनील पांडे, दिलीप तिवारी आदि लोग मौजूद रहे।