पौली गांव के सिवान में गेंहू के खेत में लगे बिजली के तार
संतकबीरनगर। मौसम लगातार शुष्क हो रहा है। फसलें पकने की स्थिति में हैं। हर साल खेतों से गुजर रहे जर्जर तारों में स्पार्किंग के चलते गेहूं के खेतों में आग लगने की घटनाएं होती हैं। पिछले साल तकरीबन 12 सौ बीघा गेहूं की फसल आग की भेंट चढ़ गई थी।
ऐसे में प्रशासन ने खेतों में जर्जर तारों को बदलने तथा ट्रांसफार्मरों को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक विद्युत निगम की टीम जर्जर तारों को नहीं बदल सकी है। तार न बदले जाने से किसानों की मुसीबत बढ़ने की आशंका बनी हुई है। शहर में बिजली के तार व पोल बदलने का कार्य चल रहा है, लेकिन इसकी रफ्तार काफी धीमी है।
दूसरी तरफ ग्रामीण क्षेत्रों में खेत के ऊपर से गए बिजली के तार और पोल जर्जर हो गए हैं। वर्तमान में मौसम शुष्क बना हुआ है। फसल भी पकने लगी है। हवा चलने कारण तार आपस में टकराते हैं। इससे निकलने वाली चिंगारी से आग लगने की आशंका बनी रहती है। अभी तक खेत से गुजरे जर्जर तार व पोल नहीं बदले जा सके हैं। विद्युत सब स्टेशन मुखलिसपुर, कोचरी व खलीलाबाद के कई क्षेत्रों में बिजली के जर्जर तार खेत से होकर गुजरे हैं।
किसानों का कहना है कि तार इतने जर्जर हो चुके हैं कि हल्की हवा चलने पर टूटकर गिर जाते हैं। इससे खेतों में खड़ी गेहूं की फसल आग की भेंट चढ़ जाती है। किसान राम नरायण, राम करन आदि का कहना है कि जर्जर तार जब टूटकर गिरते हैं तो सैकड़ों बीघा फसल जलकर नष्ट हो जाती है। वैसे धनघटा क्षेत्र में आग बुझाने के लिए 589 गांवों के लिए महज एक दमकल गाड़ी है।