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खाद्य पदार्थों में मिलावट की पुष्टि, छह मामलों में सीजेएम कोर्ट में दायर होगा मुकदमा

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खाद्य पदार्थों में मिलावट की पुष्टि, छह मामलों में सीजेएम कोर्ट में दायर होगा मुकदमा
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संतकबीरनगर। खाद्य पदार्थों में मिलावट कारोबारियों को महंगा पड़ सकता है। पूर्व में लिए गए अलग-अलग छह नमूने जांच में असुरक्षित एवं अधोमानक पाए गए हैं। इन मामलों में सीजेएम कोर्ट में वाद दायर करने की संस्तुति आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने दे दी है। विभाग ने सीजेएम कोर्ट में वाद दायर करने की तैयारी शुरू कर दी है।
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अभिहित अधिकारी जय प्रकाश तिवारी ने बताया कि 21 अगस्त 2020 को स्वॉट और कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने कसैला में अवैध पान मसाला की फैक्ट्री पकड़ी थी। पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। जबकि खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजमणि प्रसाद ने पान मसाला और स्वीट सुपारी के दो नमूने लिए थे। जांच रिपोर्ट में दोनों नमूने अस़ुरक्षित मिले। स्वीट सुपारी में आरोमीन पाया गया। सिंथेटिक रंग होने से कैंसर होने का खतरा है। जबकि पान मसाला में गैंबियर मिला पाया गया। वहीं से खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मराज शुक्ला ने पान मसाला और फ्लेवर्ड सुपारी का नमूना लिया था। पान मसाला में गैंबियर पाया गया है। जबकि फ्लेवर्ड सुपारी असुरक्षित पाई गई है। प्रोपराइटर विशाल गुप्ता के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में वाद दायर करने के लिए आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि से अनुमति मांगी र्गई थी। 27 सितंबर 2020 को धर्मसिंहवा पुलिस ने रेडीमेड मिठाई पकड़ी थी। पुलिस की सूचना पर खोवा का नमूना जांच के लिए भेजा गया था। जांच में खोवा असुरक्षित मिला है। इस मामले में भी खेसरहा के गोकुल ट्रेडर्स के राजेश गुप्ता के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किए आने की अनुमति आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन से मांगा गई था। इसी तरह 28 जुलाई 2020 को रवि कुमार पुत्र हनुमान के वहां से सूजी का नमूना लिया गया था। जांच रिपोर्ट में सूजी असुरक्षित मिली। इसमें कीड़े पाए गए। विक्रेता रवि कुमार के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किए जाने की अनुमति मांगी गई थी। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने सभी छह मामलों में सीजेएम कोर्ट में वाद दायर करने की अनुमति दे दी है। जल्द ही संबंधितों के खिलाफ वाद दायर कर दिया जाएगा। ऐसे मामलों में दोष सिद्ध होने पर अधिकतम तीन वर्ष तक की सजा और पांच लाख रुपये तक जुर्माना का प्रावधान है।
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