हर आंख नम, कैथवलिया में सन्नाटा
पीड़ित परिजन पुलिस कर्मियों से कर रहे थे तरह-तरह के सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
संतकबीरनगर। सड़क हादसे में कैथवलिया के तीन युवकों की मौत से गांव के लोग गम और गुस्से में हैं। गांव में सन्नाटा है। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे लोग घटना जानने के लिए उत्सुक दिखे। पीड़ित परिजनों के घर उठ रही चीत्कार से पूरा गांव गमगीन हो उठा। पीड़ित परिजन तमाम तरह के सवाल पुलिस कर्मियों से कर रहे थे और पुलिस उन्हें समझाने का प्रयास कर रही थी।
पोस्टमार्टम हाउस आए लोगों ने बताया कि मृत धीरेंद्र उर्फ पुजारी पुत्र रामशब्द तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। परिवार गरीब है। कोरोना संक्रमण काल में आर्थिक स्थिति बिगड़ने पर धीरेंद्र ने डीजे का काम शुरू किया था। उसी से जुडे़ सामान खरीदने गोरखपुर गए थे। वे अपने साथ गांव के रामकेस पुत्र पंचम और रोहित पुत्र राममिलन को भी ले गए थे। लौटते समय हादसे में बूधा कला पेट्रोल पंप के पास तीनों युवकों की मौत हो गई। रोहित शादीशुदा थे। उनके तीन भाई और हैं। रामकेस के परिवार में कोई नहीं है। वह गांव पर अकेले ही रहते थे। धीरेंद्र के पिता रामशब्द तो कभी रोते थे तो कभी पुलिस कर्मियों से घटना से जुड़े तमाम तरह के सवाल कर रहे थे। दो साल पहले अपने किसी करीबी की मौत का जिक्र कर रहे थे। मौत के कारण का अभी तक पता नहीं चलने और अभी तक बिसरा की रिपोर्ट नहीं आने की खींझ भी पुलिस कर्मियों पर निकाल रहे थे। हादसे में मृत बेटे समेत तीनों शवों की मांग कर रहे थे। पुलिस और व्यवस्था पर भी सवाल उठा रहे थे। इधर भीड़ में शामिल कुछ लोग यह भी कह रहे थे कि जब घटना हुई और तीनों की मौके पर मौत हो गई तो बगैर परिजनों के पहुंचने से पहले की एक ही गाड़ी से आखिर शवों को क्यों पोस्टमार्टम हाउस लाया गया।
कोतवाल अनिल कुमार, एसआई बलराम पांडेय, एसआई रजनीश राय आदि पुलिस कर्मी पीड़ित परिजनों को समझाने का प्रयास कर रहे थे। हर कोई घटना से गमगीन था। पीड़ित परिजनों का रो- रो कर बुरा हाल था।