चकिया गांव में चरागाह की भूमि पर बने हैं यह मकान
रोसयाबाजार। धनघटा तहसील क्षेत्र के चकिया ग्राम पंचायत के लगभग 80 परिवार ऐसे हैं कि जो ग्राम पंचायत की 14 बीघा चरागाह की जमीन में अपना आशियाना बना लिए हैं। गांव के ही व्यक्ति की शिकायत और कोर्ट में वाद दाखिल करने पर धनघटा तहसील प्रशासन कई बार जमीन का सीमांकन कर चुका हैं। जिससे इन घरों पर प्रशासन की तलवार लटक रही है। ।
ग्रामीण रामचंद्र अरविंद रामलौट, प्रिंस सिंह, शिवम, छोटेलाल, भूखल, सतेंद्र, महेंद्र, बाबू राम, फूर्ति बबुंदर, देव प्रसाद, इंद्रलाल, सहित तमाम को इसका भय बना हुआ है कि न जाने कब प्रशासन आदेश दे देगी कि जमीन खाली कर दो नहीं तो बुलडोजर चल जाएगा। ग्रामीणों का कहना है पहले ही रोका होता तो यह परेशानी नहीं होती।
बाबा दादा इस जमीन पर झोपड़ी डाल कर रहते चले आए हैं। कुछ समय पहले हम लोगों के नाम से पट्टा हो गया था, जो सरकारी नियमानुसार अब खारिज भी हो चुका है। पट्टा होने पर हम लोग अपनी जमीन समझने लगे। लोगों को आवास मिला और इसी जमीन पर आवास बनवा लिए और हंसी-खुशी से रहने लगे। यदि प्रशासन हम लोगों को बेघर करेगा तो कहां रहेंगे।