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वाहन चोरी की घटनाओं की बाढ़

Mon, 12 Nov 2012 12:00 PM IST
Sant kabir nagar
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संतकबीरनगर। जनपद पुलिस और अपराधियों के बीच लुका छुपी का खेल चल रहा है। घटनाओं का खुलासा करना तो दूर पुलिस बदमाशों की परछाई तक नहीं छू पा रही है। एक तरफ एसओजी अंतर्जनपदीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ करने का दावा करते हुए चोरी के तीन वाहनों की बरामदगी कर पीठ थपथपा रही है वहीं दूसरी तरफ कोतवाली के बगल से ही चार पहिया वाहन उड़ा कर चोर सलामी दे रहे हैं। जिले से चोरी हुए आठ वाहनों में से एक भी बरामद नहीं हुआ है।
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एक माह की घटनाओं पर नजर डालें तो पुलिस की सक्रियता की कलई खुल जाएगी। महुली क्षेत्र से एक फौजी की चोरी गई बंदूक और इसके पूर्व कोतवाली में जवान की लूटी हुई बंदूक की बरामदगी नहीं हो पाई है। बेलपोखरी में डकैती का पर्दाफाश करने में भी पुलिस नाकाम है। कोतवाली , दुधारा, महुली और मेंहदावल से आठ चार पहिया वाहन चोरी हो चुके हैं। इसमें चार बड़ी गाड़ी शामिल है। छह माह के भीतर घटित चोरी की दर्जन भर घटनाएं अभी तक नहीं खुल पाई है। इनामी बदमाशों को पकड़ना भी चुनौती बन गया है। 12,000 का इनामी सीताराम यादव पुलिस को खूब छका रहा है। सिर्फ संतकबीरनगर की पुलिस ही नहीं बल्कि गोरखपुर, बस्ती और आजमगढ़ की पुलिस उसकी तलाश कर रही है। पुलिस का सर्वाधिक समय वीआईपी ड्यूटी और पिकेट आदि में खर्च हो रहा है। पुलिस वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने में विफल है। इसकी वजह से चोरों का मनोबल बढ़ता जा रहा है।
घटनाओं के खुलासे के लिए सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं। वाहन चोरों का एक गैंग पकड़ा गया है। चोरी के तीन वाहनों की बरामदगी भी हुई। वाहन चोरों का कौन सा गैंग जिले से चार पहिया वाहनों को चुरा रहा है उसका पता लगाने के लिए पुलिस लगी है। जल्द इसका वर्क आउट हो जाएगा।
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रामपाल एसपी
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