दो प्लांट लगे पर खरीद रहे ऑक्सीजन
जिला अस्पताल परिसर में मई में लगे प्लांट, केवल एमसीएच विंग को मिली आपूर्ति
आईसीयू और पीआईसीयू वार्ड को नहीं मिली सप्लाई
पुनीत कुमार मिश्र
संतकबीरनगर। जिले का स्वास्थ्य महकमा कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की तैयारी में जुटा है। इसके लिए पिछले सप्ताह मॉक ड्रिल भी हुई। सभी तैयारियां दुरुस्त पाई गईं। जिला अस्पताल में मई में लगे दो ऑक्सीजन प्लांट से मात्र एमसीएच विंग में ही आपूर्ति की गई। स्थिति यह है कि अस्पताल प्रशासन हर माह 25 हजार की ऑक्सीजन खरीदकर कर मरीजों को उपलब्ध करा रहा है। इससे ऑक्सीजन प्लांट लगने को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
संयुक्त जिला अस्पताल में कोरोना महामारी के दौरान मई 2021 में शासन स्तर से पहल पर दो ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए। इस प्लांट से 200 बेड के एमसीएच विंग को पाइप लाइन के सहारे ऑक्सीजन की सप्लाई दी गई। हालांकि, अभी एमसीएच विंग में कोविड का कोई भी मरीज भर्ती नहीं है। इसके बावजूद विभाग ने इस अस्पताल को पूरी तरह से तैयार कर रखा है ताकि तीसरी लहर आने पर मरीजों को भर्ती किया जा सके। इसके साथ ही अस्पताल परिसर में बने आईसीयू वार्ड, पीआईसीयू वार्ड में ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं दी गई। वर्तमान में इन दोनों वार्डों में बुखार पीड़ित मरीज और बच्चे भर्ती है। हालात यह है कि अधिकतर मरीजों को आक्सीजन की जरूरत है। इन मरीजों के लिए ऑक्सीजन की खरीद जिला अस्पताल मगहर की एक प्राइवेट कंपनी से करता है और हर माह इस पर 25 हजार रुपये खर्च होते हैं। अगर इन दोनों विंग में प्लांट से पाइपलाइन के सहारे ऑक्सीजन की सप्लाई जोड़ दी जाए तो इन वार्डों को अनवरत ऑक्सीजन सप्लाई हो सकेगी। पीआईसीयू वार्ड में ऑक्सीजन सप्लाई के सारे पैनल भी लगाए जा चुके हैं। जिला अस्पताल प्रशासन का कहना है कि ऑक्सीजन प्लांट परिसर में लगा तो जरूर है लेकिन इस पर अधिकार सीएमओ कार्यालय का है, उन्हीं के स्तर से इसे जोड़ा जा सकता है। संवाद
ऑक्सीजन प्लांट में लगा है ताला
जिला अस्पताल परिसर में लगे ऑक्सीजन प्लांट पर ताला लटक रहा है, इसका रख-रखाव ठीक तरीके से नहीं हो रहा है। बताया जा रहा है कि ऑक्सीजन प्लांट चलाने के लिए कोई भी ऑपरेटर नहीं है। पिछले दिनों तैनात ऑपरेटर मानदेय न मिलने से छोड़ कर चला गया। इससे प्लांट नहीं चल पा रहा है।
कोट
आईसीयू और पीआईसीयू वार्ड ऑक्सीजन प्लांट से नहीं जुड़ पाए हैं, इस सप्ताह इसे जोड़वा दिया जाएगा, ताकि अस्पताल को निर्बाध रूप से ऑक्सीजन की सप्लाई शुरू हो सके और मरीजों को कोई परेशानी न हो। साथ ही प्लांट की देख-रेख भी हो सके।
-डॉ. इंद्रविजय विश्वकर्मा, सीएमओ
कोट
परिसर में ऑक्सीजन प्लांट तो लगा, पर वह सीएमओ कार्यालय के अधीन है, वहीं से कुछ आदेश होगा तभी इससे पीआईसीयू और आईसीयू वार्ड को जोड़ा जा सकेगा। इसके लिए सीएमओ से पत्राचार किया जा रहा है।
-डॉ. ओपी चतुर्वेदी, सीएमएस