सत्यापन में 19 हिस्ट्रीशीटर मिले लापता, 13 मृत हिस्ट्रीशीटरों का ब्योरा नष्ट कराएगी पुलिस
संतकबीरनगर। विधान सभा चुनाव का बिगुल बजते ही पुलिस ने बदमाशों की निगरानी तेज कर दी है। जिले के सक्रिय अपराधी पुलिस के रडार पर आ गए हैं। पिछले दस सालों में विभिन्न अपराधों में संलिप्त पाए गए 611 अपराधी चिह्नित हुए हैं। इसमें सबसे अधिक 279 नकबजनी के मामले हैं। पुलिस इनका सत्यापन करके प्रभावी कार्रवाई में जुट गई है। वहीं दूूसरी तरफ जिले के 19 हिस्ट्रीशीटर लापता हैं। जबकि 13 हिस्ट्रीशीटरों की मौत हो चुकी है। मृतक हिस्ट्रीशीटरों का ब्योरा पुलिस नष्ट कराएंगी।
ठंड में चोरी की घटनाएं बढ़ गई हैं। हाल ही में बखिरा क्षेत्र के तीन गांवों के पांच घरों में चोरी की वारदात हुई थी। जबकि पौली चौकी के पास से और खलीलाबाद शहर से दो बोलेरो चोरी हुई है। जिसका पर्दाफाश पुलिस अभी नहीं कर पाई है। इसके साथ ही विधानसभा चुनाव का एलान हो चुका है। ऐसे में अपराध एवं अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने ब्योरा तैयार कर लिया है। पुलिस ने पिछले दस सालों में डकैती,चोरी, लूट, नकबजनी, वाहन चोरी, एवं अन्य चोरी की घटनाओं में संलिप्त अपराधियों की कुंडली बना ली है। ऐसे में कुल 611 अपराधी चिहिन्त हुए है। पुलिस हिस्ट्रीशीटरों का भी सत्यापन करा रही है। वैसे जिले में कुल 389 हिस्ट्रीशीटर है। इनमें 40 हिस्ट्रीशीटर जेल में हैं। जबकि 273 हिस्ट्रीशीटर अपने घरों पर मौजूद है। 44 हिस्ट्रीशीटर रोजगार की तलाश में बाहर गए हैं। जबकि 19 हिस्ट्रीशीटर लापता हैं। पुलिस के सत्यापन में 13 हिस्ट्रीशीटरों की मौत हो चुकी है। पुलिस चुनाव में खलल डाल सकने की आशंका वाले अवांछनीय तत्वों को चिह्नित करके शांति भंग की आशंका में पाबंद कर रही है। पुलिस अब तक करीब दस हजार अवांछनीय तत्वों को शांति भंग की आशंका में पाबंद कर चुकी है।
पिछले दस वर्षों में विभिन्न तरह के अपराधों में संलिप्त पाए गए अपराधियों का रिकॉर्ड छंटवाया गया है। इसमें 611 अपराधी चिह्नित हुए हैं। इन अपराधियों का सत्यापन कराया जा रहा है। जो अपराधी सक्रिय पाए जाएंगे, उनके खिलाफ गैंगेस्टर, गुंडा एक्ट की कार्रवाई की जाएगी। सक्रिय अपराधियों की निगरानी के लिए हिस्ट्रीशीट भी खोली जाएगी। हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी बढ़ाए जाने का निर्देेश सभी एसओ को दिया गया है। सत्यापन में जो 13 हिस्ट्रीशीटर मृतक पाए गए हैं, उनका ब्योरा नष्ट कराया जाएगा। निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव कराया जाना प्राथमिकता में शामिल है। चुनाव में खलल डालने की आशंका वाले करीब दस हजार लोगों को अब तक शांति भंग में पाबंद कराया जा चुका है। -डॉक्टर कौस्तुभ,एसपी