धनघटा। मालखाना में लंबे समय से जमा आबकारी अधिनियम से संबंधित अवैध कच्ची शराब को प्रशासनिक आदेश पर सोमवार को नष्ट करा दिया गया। बरसात, सीलन और चूहों द्वारा क्षति के कारण शराब से दुर्गंध व रिसाव हो रहा था, जिससे क्षेत्र में संक्रमण फैलने की आशंका बनी हुई थी।
प्रशासन को दी गई रिपोर्ट में बताया गया था कि थाना मालखाना छोटा होने के कारण वर्ष 2025 में दर्ज आबकारी अधिनियम के 103 मुकदमों से संबंधित कुल 1016.800 लीटर अवैध कच्ची शराब सुरक्षित रखना संभव नहीं रह गया था। अधिकांश मामलों में तकनीकी परीक्षण के बाद आरोप पत्र अथवा अंतिम रिपोर्ट न्यायालय में प्रेषित की जा चुकी थी।
एसडीएम धनघटा के आदेश पर सोमवार को तहसीलदार धनघटा, प्रभारी निरीक्षक थाना धनघटा, प्रधान लेखक सहित थाना स्टाफ और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में नियमानुसार गड्ढा खोदकर पूरी शराब को उसमें गिराकर नष्ट किया गया। यह कार्रवाई उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के क्रम में की गई।
थाना प्रभारी अनिल सिंह का कहना है कि यदि समय रहते निस्तारण न किया जाता, तो सड़ी शराब से गंभीर संक्रामक बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ था। निस्तारण के बाद अब थाना परिसर और आसपास के क्षेत्र को राहत मिली है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी जब्त आबकारी माल का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि जनस्वास्थ्य पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।