आखिरकार 52 दिन बाद भाजपा के सरधना विधायक संगीत सोम को जिला कारागार से रिहाई मिल गई। मानकी पंचायत में शामिल होकर माहौल खराब करने के आरोप में देवबंद कोर्ट से उनको जमानत मिल गई।
उधर, शामली बवाल के मामले में अभियोजन पक्ष द्वारा सुरेश राणा का आपराधिक इतिहास मांगने की वजह से उनकी जमानत पर फैसला सोमवार को फिर टल गया। इस आशय की उनकी याचिका पर अब 13 नवंबर को सुनवाई होगी।
नंगला मंदौड़ महापंचायत व फेसबुक पर कवाल की कथित वीडियो डालने के मामले में जमानत हो जाने और रासुका हटने के बावजूद सरधना विधायक की रिहाई का मामला लटका हुआ था।
पहले से और मजबूत हो गया हूं: सोम
भाजपा विधायक का कहना है कि बहन-बेटियों के मान-सम्मान के लिए एक बार नहीं सौ बार जेल जाने को तैयार हूं। जेल जाकर और भी मजबूत हो गया हूं। जेल में सरकार ने आतंकवादियों जैसा व्यवहार कराया है।
उन्होंने कहा कि अब मिलकर प्रदेश सरकार को उखाड़ फेंकने का समय आ गया है। इसके पहले दौराला हाईवे पर भाजपा झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय सह संयोजक सुनील भराला के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सोमवार शाम को संगीत सोम का स्वागत किया।
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सोमवार को एसीजेएम देवबंद नवनीत गिरि ने मानकी गांव की पंचायत के मामले में सोम को जमानत दे दी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता अनिल जिंदल और ठाकुर कुंवरपाल सिंह ने बताया कि देवबंद में जमानत मिलते ही स्पेशल मैसेंजर परवाना (रिहाई आदेश) लेकर जिला कारागार पहुंचा।
भाजपा नेताओं की भीड़ जुटी
सोम की रिहाई की भनक लगते ही जेल के बाहर भाजपा नेताओं की भीड़ जमा होनी शुरू हो गई। जेल के रास्तों पर पुलिस की चौकसी भी बढ़ा दी गई।
जेलर मिजाली लाल यादव ने बताया कि शाम चार बजकर 55 मिनट पर सोम को 52 दिन बाद जेल से रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद सोम ने कहा कि सरकार की झूठी कार्रवाई साबित हुई है।
इस मामले को विधानसभा में उठाया जाएगा और रासुका लगाने वाले अधिकारियों को भी इसमें घसीटा जाएगा। इस मौके पर जिलाध्यक्ष सत्यपाल पाल, पूर्व संयोजक यशपाल पंवार, श्रीमोहन तायल, विजय शुक्ला, अधिवक्ता तरसपाल पुंडीर, संजय गर्ग और धर्मेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे।
उधर, भाजपा के थानाभवन विधायक सुरेश राणा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। नंगला मंदौड़ मामले में जमानत और रासुका हटने के बाद अब शामली में हुआ बवाल सुरेश राणा की रिहाई में बाधा बन गया है।
हिंसा के बाद दर्ज हुआ था मामला
उत्तराखंड की युवती से गैंगरेप के बाद शामली में भड़की हिंसा के मामले में राणा के खिलाफ भी लूटपाट और आगजनी का मुकदमा दर्ज है। एसीजेएम कैराना कोर्ट से जमानत रद्द हो जाने के बाद बचाव पक्ष ने जिजा जज की कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था।
सोमवार को अभियोजन की ओर से विशेष अधिवक्ता नसीम ने विधायक की क्राइम हिस्ट्री तलब कराने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। शासकीय अधिवक्ता क्रिमिनल दुष्यंत कुमार त्यागी ने बताया कि अभियोजन के प्रार्थना पत्र पर कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 13 नवंबर की तिथि तय की गई है।
गौरतलब है कि रासुका हटने के बाद अब केवल शामली का मामला ही राणा की रिहाई में बाधा बना हुआ है। अधिवक्ता ठाकुर दुष्यंत सिंह का कहना है कि राणा पर अन्य कोई मामला विचाराधीन नहीं है।