अब परिवार में बिखराव को बच्चों में बुजुर्गों के प्रति सम्मान जाग्रत करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से दादा-दादी, नाना-नानी दिवस मनाया जाएगा। बेसिक शिक्षा निदेशक ने इस संबंध में बीएसए को आदेश दिए हैं।
संयुक्त परिवारों में आ रहे िबखराव को रोकने के लिए शिक्ष्ाा विभाग आगे आया है। सूबे के बेसिक शिक्षा निदेशक दिनेश बाबू शर्मा ने प्रदेश के सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आदेशित किया है कि वह सभी स्कूल कालेजों में एक अक्तूबर को दादा-दादी, नाना-नानी दिवस मनाया जाए।
प्रदेश शासन ने स्वीकार किया है कि समाज में वरिष्ठ नागरिकों के प्रति उदासीनता का माहौल पनप रहा है। कांवेंट स्कूलों में पैरेंट्स मीटिंग होती हैं लेकिन उनमें सिर्फ मम्मियां या डैडी ही नजर आते हैं। इसलिए उत्तर प्रदेश राज्य वरिष्ठ नागरिक नीति के तहत मनाए जाने वाले इस दिवस पर परिवार के बुजुर्गोँ यानी दादा-दादी व नाना-नानी को आमंत्रित किया जाएगा। वरिष्ठ नागरिकों की पसंद के अनुसार ही बच्चे कार्यक्रम पेश करेंगे।