जिला अस्पताल से जिन डॉक्टरों के तबादले हुए हैं उसमें महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. रंजना सिंह, फिजिशियन डॉ. प्रदीप अग्रवाल, नेत्र चिकित्सक डॉ. शम्मी कपूर, रेडियोलॉजिस्ट डॉ. जगवीर वर्मा, दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. अमिता सिंधु शामिल हैं।
जिला अस्पताल से पांच विशेषज्ञ डॉक्टरों के अलग-अलग जनपदों के लिए तबादले हो गए हैं। नए डॉक्टरों की तैनाती फिलहाल हुई नहीं है जिससे अस्पताल आए मरीजों को परेशानी का सामना कर पड़ रहा है।
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जिला अस्पताल से जिन डॉक्टरों के तबादले हुए हैं उसमें महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. रंजना सिंह, फिजिशियन डॉ. प्रदीप अग्रवाल, नेत्र चिकित्सक डॉ. शम्मी कपूर, रेडियोलॉजिस्ट डॉ. जगवीर वर्मा, दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. अमिता सिंधु शामिल हैं। जिला अस्पताल के रिकॉर्ड के मुताबिक अल्ट्रासाउंड और एक्सरे के लिए करीब हर दिन 70-80 मरीज आते हैं। दंत और नेत्र रोगी हर दिन 100 से ज्यादा जिला अस्पताल पहुंचते हैं। बृहस्पतिवार को अल्ट्रासाउंड, नेत्र परीक्षण के लिए मरीज भटकते रहे जबकि महिला रोग विशेषज्ञ की कमी को संविदा पर तैनात महिला चिकित्सकों ने ज्यादा खलने नहीं दिया लेकिन महिलाएं फिर भी परेशान नजर आईं।
मालूम हो जिला स्थापित होने के बाद से ही जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी रही है। 23 पदों के सापेक्ष सीएमएस समेत नौ ही नियमित डॉक्टरों की अब तैनाती रह गई है। चार डॉक्टर संविदा पर हैं। महिला रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट और नेत्र रोग विशेषज्ञ की कमी फिलहाल मरीजों को ज्यादा खल रही है। रेडियोलॉजिस्ट न होने के कारण अल्ट्रासाउंड कक्ष बंद रहा। जो मरीज आए उन्हें लौटना पड़ा। नेत्र रोगियों को भी निराशा ही मिली।
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अधिकांश मरीज इन्हीं डाक्टरों से संबंधित समस्या को लेकर हर रोज जिला अस्पताल में पहुंचते हैं। आंखों का उपचार, अल्ट्रासाउंड पूरी तरह प्रभावित हो गया है। कक्षों पर ताला लगा हुआ है। एक्सरे तक की व्यवस्था जिला अस्पताल में नहीं है। जिलेभर के अलग अलग कस्बे व गांवों से आए लोगों ने अपनी परेशानी बयान की।
जिला अस्पताल में डॉक्टरों की कमी से हो रही समस्या से शासन को अवगत करा दिया गया है। पत्र भेजकर जल्द ही नए डॉक्टरों की तैनाती के लिए मांग की है जिससे मरीजों को परेशानी का सामना न करना पड़े।