शनिवार की सुबह करीब 11 बजे गांव के रहने वाले किसान डालचंद सिंह अपने बेटे कौकिल के साथ खेत पर काम कर रहे थे। सभी पड़ोस के खेत से निकले तेंदुए ने पिता-पुत्र पर हमला कर घायल कर दिया। शोर सुनकर आसपास के खेतों पर काम कर रहे लोगों की भीड़ मौके की तरफ दौड़ पड़ी। जानकारी मिलते ही कुतुबपुर हमीदपुर और आसपास के गांवों के लोग भी लाठी डंडे से लैस होकर मौके पर पहुंच गए। भीड़ ने तेंदुए को घेर लिया और घंटों तक इधर-उधर दौड़ते रहे।
जबकि घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका था। जांच पड़ताल के बाद वन विभाग की टीम ने पुलिस की मदद से तेंदुए की हत्या करने की शक में ग्राम प्रधान बृजेश के भाई राकेश और गांव के रहने वाले धर्मवीर व राजू को पकड़ लिया। तीनों को नौगांवा सादात थाने लाया गया। इससे नाराज सैकड़ों ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉली से नौगांवा सादात थाने पहुंच गए।
गुस्साए ग्रामीणों ने थाने का घेराव कर लिया और वन विभाग की गाड़ी में बैठे राकेश, धर्मवीर और राजू को छुड़ाकर वहां से भगा दिया। तेंदुए की मौत के मामले में ग्रामीणों ने कार्रवाई को गलत बताया और जमकर हंगामा किया। बाद में पुलिस और वन विभाग का अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझा कर शांत किया और तीनों आरोपियों को वापस बुलाने के लिए कहा है।