आपसे पहले तस्वीर पहचान लेगा फेसबुक
जुनावई के सरकारी अस्पताल में मरीजों की जान से खिलवाड़ किए जाने का वीडियो वायरल हुआ है। निजी कर्मचारी मरीज को ड्रिप लगा रहा है। सरकारी कर्मचारी कहां थे? यह सवाल उठ रहा है। यह वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर आया और इसके बाद जब सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी पूछा गया तो उन्होंने बताया कि इमरजेंसी में दो मरीज एक साथ आए और उस वक्त कर्मचारी नहीं थे। इसलिए निजी कर्मचारी की मदद लेनी पड़ी।
जुनावई के सरकारी अस्पताल में सोमवार को सुबह 8.30 बजे एक मरीज आया। उसे सरकारी अस्पताल के कर्मचारियों ने अटेंड नहीं किया। आरोप है कि, इसे सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी के निजी कर्मचारी ने अटेंड किया। मरीज को ड्रिप चढ़ाई। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम को मोबाइल में रिकार्ड करके वायरल कर दिया।
वीडियो वायरल होने पर जब प्रभारी चिकित्साधिकारी मनोज कुमार से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि यह उनका निजी कर्मचारी है। उनके मुताबिक यह क्वालीफाइड है और उनके साथ ही रहता है। जिस वक्त मरीज आया था उस वक्त सरकारी कर्मचारी नहीं था। मरीज की हालत देखते हुए सहयोग लिया था, अपनी देखरेख में ही ड्रिप लगवाई थी।