संभल। मरकजी मदरसा अहले सुन्नत अजमल-उल-उलूम में मुफ्ती मोहम्मद अजमल शाह का उर्स संपन्न हुआ। इस दौरान ख्वाजा मोहम्मद कलीम अशरफ संभली की किताब तजकिराए किबलागाही के विमोचन भी किया गया।
शनिवार को मदरसा अहले सुन्नत अजमल-उल-उलूम में आयोजित मुफ्ती मोहम्मद अजमल शाह के उर्स का आगाज कुरान-ए-पाक की तिलावत से किया गया। इसके बाद नात पढ़ने का सिलसिला शुरू हुआ। मुफ्ती आलम रजा खां नूरी ने कहा कि मुफ्ती अजमल शाह संभल के सबसे बड़े मुफ्ती थे। उनके फतवों में उनके पीरो मुर्शीद आला हजरत के फतवों की शान और झलक नजर आती है। शहर मुफ्ती कारी मोहम्मद अलाउद्दीन अजमली, मुफ्ती आसिफ रजा बरकाती, मुफ्ती इकरामुल हक आदि ने विचार व्यक्त किए।
अजमली शजरा अमरोहा के मुफ्ती मौलाना शाहिद हुसैन अजमली ने पढ़ा। अंत में दुआ कराई गई। कारी तंजीम अशरफ अजमली ने अंत में आभार जताया। संचालन कारी युसुफ रजा ने किया। इस दौरान सांसद डा. शफीकुर्रहमान बर्क, जियाउर्रहमान बर्क, हाजी जफीर लतीफी, नदीम अहमद, फरीद, अशरफ अली आदि मौजूद रहे।