संभल। खांसी की आवाज से अब क्षयरोग की पहचान हो सकेगी। इसके लिए टीबी कफ कलेक्शन एप तैयार किया गया है। इसमें रोगी या चिह्नित व्यक्ति की आवाज आठ बार रिकार्ड की जाएगी। पूरे देश में 21 हजार लोगों के नमूने लिए जाएंगे। संभल जिले से इसमें 59 सैंपल भेजे जाएंगे।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि देश को क्षय रोग से मुक्त कराने के लिए नया एप डिजाइन किया गया है। इसके जरिए चिह्नित लोगों की आवाज मोबाइल फोन में करीब आठ बार रिकार्ड की जाएगी। आवाज अलग-अलग तरह की होंगी। प्रथम चरण में इसका सर्वे कराया जाएगा। सर्वे में देशभर से 21 हजार लोगों की आवाज के सैंपल लिए जाएंगे। बाद में इसका अध्ययन होगा। संभल जिले से 59 सैंपल लिए जाएंगे। इसमें 18 टीबी रोगी होंगे। 22 नॉन टीबी एवं 19 टीबी लक्षण वालों के संपर्की या रिश्तेदार होंगे।
कफ साउंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड सोल्यूशन टू डिट्रेक्ट टीबी को लेकर ऑनलाइन प्रशिक्षण कराया गया है। सर्वे के लिए वीडियो भी जारी किया है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम यानि एनटीईपी के ज्वाइंट डायरेक्टर निशांत कुमार ने इस बारे में पत्र लिख जानकारी उपलब्ध कराई है।
सैंपल देने वाले व्यक्ति के नाम-पते गोपनीय रखे जाएंगे
जिला पीपीएम समन्वयक पंकज यादव ने बताया कि कफ साउंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड सोल्यूशन टू डिट्रेक्ट टीबी के लिए संभल से 59 लोग की आवाज के सैंपल भेजे जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस सर्वे में जिन लोगों की आवाज रिकार्ड की जाएगी। उनके नाम-पते गोपनीय रखे जाएंगे। इसकी आवाज रिकार्ड होगी, उसको भी रिपोर्ट की जानकारी नहीं दी जाएगी। रिपोर्ट किसी को भी शेयर नहीं होगी।
इस प्रकार होगा कार्य
-प्रशिक्षित अधिकारी/सुपरवाइजर चिह्नित व्यक्ति के घर मास्क पहनकर जाएंगे।
-उसको पूरी प्रक्रिया के बारे में अवगत कराया जाएगा, सहमति ली जाएगी
-इसके बाद उसे मास्क पहनकर घर के बाहर आने को कहा जाएगा
-मोबाइल फोन में एप चालू करके 30 सेकेंड की आवाज रिकार्ड होगी
-उसे खांसने, एक से 10 तक गिनती, अ, आ आदि बोलने को कहा जाएगा
-खांसी की आवाज तीन बार रिकार्ड होगी, इसके अलावा अन्य प्रक्रिया होंगी।