संभल। पुलिस ने हत्या के तीन मामलों का खुलासा किया है। मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जबकि हत्या में शामिल दूसरा आरोपी पुलिस के हाथ नहीं आया है। पुलिस ने तीनों हत्याओं के साक्ष्य जुटाए हैं। निर्वस्त्र कर फेंके गए शवों के कपड़े भी पुलिस द्वारा बरामद करने का दावा किया गया। यह हत्याएं कहासुनी के दौरान की गईं थीं।
शनिवार को पुलिस अधीक्षक चक्रेश मिश्र ने चौधरी सराय पुलिस चौकी में तीनों हत्या का खुलासा करते हुए बताया कि सवा महीने के अंदर हुईं तीन हत्याओं का मुख्य आरोपी देहली दरवाजा निवासी फईम उर्फ बाबा है। आरोपी ने अपने साथी मोहल्ला कोटगर्बी पानी वाली टंकी निवासी फूल उर्फ जैनुल आबेदीन के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। बताया कि 26 नवंबर की सुबह हजरतनगर गढ़ी थाना क्षेत्र के गांव फुलसिंघा के नजदीक 22 वर्षीय युवक का शव मिला था। शव बोरे में बंद कर फेंका गया था। जिसकी शिनाख्त हयातनगर थाना क्षेत्र के सरायतरीन अंतर्गत मोहल्ला पीलाखदाना निवासी शाकिब पुत्र अकरम के रूप में हुई। बताया कि यह युवक चौकीदार व अन्य तरह की मजदूरी करता था। आरोपियों ने कहासुनी के बाद हत्या कर शव निर्वस्त्र कर फेंका था।
उन्होंने बताया कि दो महिलाओं की हत्या एक दिन की थीं लेकिन शव अलग-अलग दिन फेंके गए थे। यह हत्याएं मोहल्ला नरोत्तम सराय में फईम उर्फ बाबा ने अपने भाई के खाली मकान में की थीं। पुलिस अधीक्षक के अनुसार देहली दरवाजा निवासी नाजमीन उर्फ गब्बर व रूकनुद्दीन सराय निवासी शहाना पत्नी बशीर घटना के दिन आरोपियों के साथ थी। आरोपी शराब पी रहे थे। इसी दौरान कहासुनी हुई। कहासुनी के बाद नाजमीन उर्फ गब्बर की हत्या कर दी। इस हत्या को करते हुए शहाना ने देख लिया था। इसलिए शहाना की भी हत्या कर दी। शहाना का शव कैलादेवी थाना क्षेत्र के गांव मूसापुर के नजदीक 30 दिसंबर को निर्वस्त्र कर बोरे में बंद कर फेंका गया। नाजमीन का संभल हसनपुर मार्ग पर गांव चंदावली इंटर कॉलेज के नजदीक 6 जनवरी को बोरे में बंद मिला था। पुलिस अधीक्षक का दावा है कि साक्ष्य और सर्विलांस टीम की कड़ी मेहनत से आरोपियों तक पहुंचा गया।
साहब फांसी करा दो इस फईम बाबा को, इसने हमारा सहारा छीन लिया
चौधरी सराय पुलिस चौकी में खुलासे के दौरान नाजमीन उर्फ गब्बर की मां नसीमा व परिवार के अन्य लोग पहुंच गए। नाजमीन की मां ने रोते हुए सीओ जितेंद्र सिंह से कहा कि साहब फईम बाबा को फांसी करा दो। इसने हमारा सहारा छीन लिया। पीड़ित ने बताया कि उनकी बेटी मेहनत मजदूरी कर परिवार की गुजर करती थी। हस्तशिल्प का भी काम कर लेती थी। कभी कभी गाड़ी पर भी चली जाती थी। बताया कि नाजमीन लड़की थी लेकिन वह लड़के की ड्रेस में रहती थी और परिवार की पूरी जिम्मेदारी उठाती थी। बिना दुश्मनी के ही उसकी हत्या कर दी।
शाकिब की बहन और बहनोई बोले हम नहीं पहचान पाए
सरायतरीन के मोहल्ला पीला खदाना निवासी शाकिब का शव पुलिस ने बताया है। चौधरी सराय निवासी शाकिब की बहन फरजाना ने बताया कि जो फोटो पुलिस ने दिखाया है उसमें वह पहचान नहीं पाई हैं। शाकिब के बहनोई का कहना है कि शाकिब पतला और रंग का काला था। फोटो जो दिखाया है वह गोरा और मोटा युवक था। जबकि पुलिस का दावा है कि शाकिब इन आरोपियों के संपर्क में था और हत्या को स्वीकार भी किया है।
तीनों हत्याएं दो लोगों ने मिलकर की थीं। हत्या में इस्तेमाल की गई लोहे की रॉड भी बरामद की है। मुख्य आरोपी फईम उर्फ बाबा गिरफ्तार कर जेल भेजा है। पूछताछ में उसने तीनों घटनाओं को स्वीकार भी किया है। एक अन्य आरोपी की तलाश के लिए टीमें लगी हुई हैं। उसे भी जल्दी गिरफ्तार किया जाएगा।
चक्रेश मिश्र, पुलिस अधीक्षक, संभल