चंदौसी (संभल)। जिला न्यायालय की सुरक्षा में तैनात मुरादाबाद 24वीं वाहिनी पीएसी के प्लाटून कमांडर को सोमवार की रात दस बजे जान से मारने व न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने पर पुलिस में हड़कंप मच गया। पुलिस व सर्विलांस टीम ने धमकी देने वाले आरोपी सगे तीन भाइयों को मंगलवार की सुबह पांच बजे न्यायालय के बाहर से गिरफ्तार कर लिया। तीनों को रिपोर्ट दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उनको जेल भेज दिया गया।
एसपी चक्रेश मिश्र ने बताया कि जिला न्यायालय की सुरक्षा के लिए तैनात पीएसी प्लाटून के कमांडर दीवान सिंह के मोबाइल नंबर पर सोमवार की रात दस बजे कॉल आई जिसपर अज्ञात युवक ने उन्हें गाली-गलौज कर प्लाटून कमांडर के साथ पीएसी जवानों को जान से मारने तथा जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी दी और कॉल काट दी। प्लाटून कमांडर ने कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मुकेश कुमार को अवगत कराया। जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। कुछ ही देर में कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जिला न्यायालय पहुंचे और प्लाटून कमांडर से जानकारी लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। आरोपियों के पकड़ने के लिए सर्विलांस टीम की मदद ली गई। रात में ही जिला न्यायालय परिसर में तलाशी अभियान शुरू किया गया। पुलिस कर्मियों ने न्यायालय परिसर में चप्पे-चप्पे को छान मारा लेकिन किसी प्रकार की कुछ नहीं मिली। धमकी के बाद थाना बनियाठेर, कुढ़फतेहगढ़, बहजोई पुलिस को भी बुला लिया गया। पूरी रात पुलिस हरकत में रही। मंगलवार की सुबह पांच बजे पुलिस ने न्यायालय के बाहर से आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम रोहताश, नौरंगी, रवि पुत्रगण ओमप्रकाश प्रजापति निवासी मोहल्ला भगवान नगर गली थाना साहनी गेट, जिला अलीगढ़ बताया। इनमें दृष्टिहीन है। तीनों आरोपी सगे भाई हैं।
एसपी ने बताया कि रोहताश ने स्वीकार किया कि उसने ही प्लाटून कमांडर को मोबाइल पर धमकी दी थी। पुलिस ने धमकी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया। जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया है।
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जिला न्यायालय व प्लाटून कमांडर को फेक धमकी दी गई थी। धमकी देने वाले तीनों आरोपियों को पकड़ लिया गया है। आरोपी अलीगढ़ के रहने वाले सगे भाई हैं।
-चक्रेश मिश्र एसपी संभल
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आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम
चंदौसी। जिला न्यायालय को बम से उड़ाने व न्यायालय में परिसर में तैनात पीएसी प्लाटून कमांडर को जान से मारने की धमकी देने के आरोपियों को पुलिस ने सात घंटे बाद मंगलवार की सुबह पांच बजे मुंसिफ रोड स्थित जिला न्यायालय के बाहर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक मुकेश कुमार, उपनिरीक्षक बलराम सिंह, कांस्टेबल अभिषेक कुमार, हिमांशु कुमार, संदीप कुमार, धर्मराज सिंह आदि के अलावा सर्विलांस टीम के सदस्य शामिल रहे। संवाद
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धमकी मिलने के बाद बढ़ी
जिला न्यायालय की सुरक्षा
चंदौसी। जिला न्यायालय को बम से उड़ाने व पीएसी प्लाटून कमांडर को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद जिला न्यायालय परिसर की सुरक्षा बढ़ी दी गई है। पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश करने के बाद एहतियात बरत रही है। जिला न्यायालय में आने वाले वादकारियों व अन्य लोगों पर निगाह रखी जा रही है। न्यायालय के दोनों गेट पर पुलिस आने वालों की तलाशी लेने के बाद ही प्रवेश दे रही है। पुलिस कर्मी जिला न्यायालय में अधिवक्ताओं के चैंबर व परिसर में गश्त कर रहे हैं और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।
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घटना के बाद से डरे हैं प्लाटून कमांडर
संवाद न्यूज एजेंसी
चंदौसी (संभल)। जिला न्यायालय की सुरक्षा में तैनात पीएसी के प्लाटून कमांडर दीवान सिंह मोबाइल पर धमकी मिलने के बाद से काफी डरे हुए हैं। उन्होंने बताया कि जब सोमवार की रात दस बजे उनके मोबाइल पर कॉल आई तो दूसरी ओर से बात करने वाले ने गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध किया तो उन्हें और पीएसी के जवानों को जान से मारने तथा जिला
न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी दी। यह बात सुन वह काफी डर गए थे। घटना से कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मुकेश कुमार को अवगत कराया। कहा कि पुलिस ने बेशक आरोपी पकड़ लिए हैं, मगर अभी भी मोबाइल पर मिली धमकी से वे दहशत में हैं। उन्होंने बताया कि वह मूल रूप से उत्तराखंड के पिथौरागढ़ के निवासी हैं। पांच मई को उनकी अपनी यूनिट के साथ जिला न्यायालय की सुरक्षा के लिए तैनाती हुई है। प्लाटून कमांडर ने घटना से सोमवार की रात को ही उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया था। उन्होंने घटना को लेकर कोतवाली में तहरीर दी है जिसके आधार पुलिस ने मुकदमा पंजीकृत किया है।
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आरोपियों को हो रहा पछतावा
चंदौसी। जिला न्यायालय में मुरादाबाद 24वीं वाहिनी पीएसी प्लाटून कमांडर समेत पीएसी के जवानों व न्यायालय परिसर को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले तीनों आरोपियों में मुख्य आरोपी रोहताश हार्डवेयर कारीगर है, वह लोहे, पीतल, स्टील के गेट व दरवाजों पर कुंडा लगाने का कार्य करता है जबकि नौरंगी की मोहल्ले में ही टेलर की दुकान है जबकि दृष्टिहीन रवि कुछ नहीं करता। पिता ओमप्रकाश बेलदारी का कार्य करते हैं जबकि मां प्रेमवती कैंसर से पीड़ित है। रोहताश व नौरंगी की शादी हो चुकी है और बच्चे भी हैं। तीनों को अपनी करनी पर पछतावा हो रहा है। परिवार की माली हालत दयनीय है। संवाद