फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिस बेटे को 20 साल पहले दफन किया, पिता ने उसके जिंदा लौटने का किया दावा

विज्ञापन
विज्ञापन
संभल। एक पिता ने दावा किया है कि उन्होंने अपने जिस पंद्रह साल के बेटे को 20 साल पहले कब्र में दफना दिया था, उनका वह बेटा अब वापस आ गया है। छह जून को जब उनका बेटा घर आया तो पिता ने बेटे को लगे लगा लिया। परिवार के लोग भी हैरानी के साथ खुश हुए। वहीं उनके बेटे के लौटने की बात ग्रामीणों के गले नहीं उतर रही है। इस तरह की सूचना फैलते ही क्षेत्र में लोेग तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।
विज्ञापन

मामला संभल जिले के हजरत नगर गढ़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव मिलक सिरसी का है। इस गांव के रहने वाले अहसान ने बताया कि उनके 15 वर्षीय बेटे मेहशाद की 20 साल पहले सर्पदंश से मौत हो गई थी। उसे कब्रिस्तान में दफन कर दिया था लेकिन छह जून को उनका बेटा अचानक लौट आया। परिवार के लोग उसे देख कर हैरान हो गए। अहसान ने बताया कि जो युवक घर लौटा था उसका चेहरा उनके बेटे जैसा ही था। जो सपेरे उसे लेकर आए थे उन्होंने अहसान को बताया कि उनके बेटे को पश्चिम बंगाल के सपेरे कब्र से निकाल कर ले गए थे। उन्होंने उसका उपचार किया और वह जिंदा हो गया। अहसान ने बताया कि उन्हें पूरा यकीन है कि जो युवक लौटा है, वह उनका ही बेटा है। उन्होंने युवक को अपना बेटा बताते हुए गले से लगा लिया। मेहशाद की शादी भी हो गई है और दो बच्चे हैं। इस समय मेहशाद मेरठ में परिवार के साथ रह रहा था। मेहशाद के घर लौटने को लेकर जहां परिवार के लोग खुश हैं वहीं यह बात क्षेत्र के ग्रामीणों के गले नहीं उतर रही है।
असमोली के युवक ने दी सपेरों को जानकारी
परिवार के लोगों ने बताया कि दो साल पहले असमोली क्षेत्र का एक युवक भी इसी तरह लौटा था। वह भी सपेरों के साथ मेरठ में रह रहा था। इस दौरान जब सपेरों ने युवक को बताया कि उनके साथ रह रहा मेहशाद भी संभल जनपद का ही है तो असमोली के युवक ने जांच पड़ताल कर सपेरों को मेहशाद के घर की जानकारी दी। इसके बाद सपेरों ने मेहशाद को छह जून को उसके घर पहुंचाया। वहीं मेहशाद से जब पूछा गया कि वह इतने दिनों तक क्यों नहीं आया तो उसने बताया कि उसे कुछ याद नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें