बिजली कटौती अभी खत्म नहीं हुई है। ग्रामीण इलाके में यह समस्या ज्यादा है। इससे ग्रामीण परेशान हैं। विद्युत निगम के दावे हवाई साबित हो रहे हैं। भीषण गर्मी में लोग परेशान हैं। 29 अप्रैल को पवांसा बिजलीघर पर हुए धरना प्रदर्शन के दौरान किसान नेताओं को विद्युत निगम के अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि कटौती नहीं होगी। आश्वासन दिए हुए तीन दिन का समय बीत गया है लेकिन बिजली कटौती बंद नहीं हुई। अब किसान नेताओं में आक्रोश पनपने लगा है।
किसान नेताओं का कहना है कि बड़े आंदोलन की तैयारी की जा रही है। विद्युत निगम किसानों की समस्याओं को दरकिनार कर रहा है। फसलें सूख रही हैं और नुकसान होने का अंदेशा मंडराने लगा है। डीजल की महंगाई के चलते किसान इंजन लगाकर फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं।
29 अप्रैल को दिए धरने में किसानों को सिंचाई के लिए विद्युत आपूर्ति सुधार किए जाने का आश्वासन मिला था। विद्युत निगम के अधिकारियों ने तीन दिन का समय दिया था। तीन दिन का समय पूरा हो गया है। सुधार हुआ नहीं है। अब बड़े आंदोलन की तैयारी की जा रही है। विद्युत निगम किसानों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहा है।
सत्यवीर सिंह यादव, जिला संगठन मंत्री, भाकियू टिकैत
हमने बिजली कटौती की समस्याओं को लेकर लखनऊ पत्र भेज दिया है। 24 घंटे बिजली आपूर्ति की मांग की है। साथ ही कृषि क्षेत्र के लिए डबल ग्रुप सप्लाई की मांग भी की है। जिससे किसानों की समस्या का समाधान हो सके। हमारी तरफ से प्रयास पूरे किए जा रहे हैं।
दिनेश कुमार अग्रवाल, अधीशासी अभियंता, चंदौसी।