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यूक्रेन से सकुशल घर लौटे छात्र तो परिजनों में छाई खुशी

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चंदौसी/जनेटा। यूक्रेन में फंसे चंदौसी क्षेत्र के तीन छात्र जब घर पहुंचे तो परिजनों में खुशी छा गई। उन्होंने फूलमाला से छात्रों का स्वागत किया और परिजनों मोहल्लों व आस पड़ोस में मिठाई भी बांटी।
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यूक्रेन में शहर लवीव में फंसे चंदौसी के विकासनगर निवासी रजत जोहल शुक्रवार को घर पहुंच गए। रजत जोहल ने बताया कि यूक्रेन के समय के अनुसार बुधवार की रात करीब 12 बजे यूक्रेन से हंगरी में प्रवेश कर गए थे। इसके बाद सभी सुविधाएं भारतीय दूतावास ने की थी। कोई परेशानी नहीं हुई। बॉर्डर से बुडापेस्ट ले जाया गया, वहां शेल्टर में खाना खाने के बाद कुछ समय आराम किया। हंगरी के समय के अनुसार गुरुवार की रात सात बजे और भारतीय समय के अनुसार रात करीब 11 बजे फ्लाइट दिल्ली के लिए चली थी। शुक्रवार को भोर में दिल्ली पहुंच गए। वहीं एयरपोर्ट पर परिजन भी आ गए थे।
वहीं चंदौसी तहसील क्षेत्र के गांव जनेटा के दोनों छात्र मोहम्मद कैस और मोहम्मद शारिक शुक्रवार को रोमानिया से दिल्ली इंद्रा गांधी हवाई अड्डे पर शुक्रवार तड़के करीब चार बजे पहुंचे। वहां से अपने निजी वाहन से सकुशल घर पहुंच गए। परिजनों ने बेटों के खैरियत से घर लौटने पर राहत की सांस ली है। फूल माला पहनाकर परिवार और ग्रामवासियों ने छात्रों का स्वागत किया। बेटों घर पहुंचने की खुशी में मिठाई भी बांटी। वहीं बेटों को देखकर परिवार के लोगों के खुशी से आंसू बहने लगे।
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मोहम्मद कैस ने बताया कि दोनों छात्र 27 फरवरी को हॉस्टल से यूक्रेन बॉर्डर के लिए निकले थे। वह दोनों अपने साथियों के साथ करीब 900 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद यूक्रेन बॉर्डर पार कर रोमानिया पहुंचे। जहां से भारतीय दूतावास ने अपने संरक्षण में लेकर सभी भारतीय छात्रों को रोमानिया एयरपोर्ट पहुंचाकर उनके रहने और खानपान की व्यवस्था की।
गुरुवार को रोमानिया की राजधानी बुडापेस्ट एयरपोर्ट से शाम सात बजे फ्लाइट से दिल्ली लिए उड़ान भरी थी। शुक्रवार भोर में दिल्ली पहुंच गए। दोनो छात्रों के परिजन अपने लड़कों की सकुशल वापसी के लिए भारत सरकार और भारतीय दूतावास के अधिकारियों का धन्यवाद करते नजर आ रहे थे।
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