संभल/चंदौसी। ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के बैनर तले जिले में नौ राष्ट्रीयकृत बैंकों की 70 शाखाओं में निजीकरण के विरोध में सोमवार को हड़ताल रही। बैंक कर्मचारियों ने घंटाघर पर एकत्र होकर प्रदर्शन भी किया। साथ ही निजीकरण के विरोध में नारे लगाए। संगठन पदाधिकारियों के मुताबिक संभल जनपद में बैंक हड़ताल से करीब 35 करोड़ का लेनदेन प्रभावित रहा। मंगलवार को भी हड़ताल रहेगी।
सोमवार को केंद्रीय श्रम संगठनों के आह्वान पर ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन ने भी दो दिवसीय हड़ताल रखी। जिले में यूनियन से जुड़े राष्ट्रीयकृत नौ बैंकों की 70 शाखाओं में ताला लटका रहा। सुबह करीब दस बजे बैंक कर्मचारी चंदौसी में घंटाघर पर एकत्र और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि बैंकों के निजीकरण से सबसे ज्यादा नुकसान आम जनता को होने वाला है। जन धन अकाउंट, छोटे लोन यह सब प्राइवेट बैंक द्वारा बंद कर दिए जाएंगे। जिससे आम जनता का बैंकों में प्रवेश करना भी मुश्किल हो जाएगा। हड़ताल के दौरान एसबीआई, प्रथमा बैंक और निजी बैंकों की शाखाएं खुली रहीं।
प्रदर्शन करने वालों में कामरेड हेमराज, वीरेंद्र पाल गुप्ता, ऋषि पाल, संदीप शर्मा, गोपाल चतुर्वेदी, निर्मल कुमार वार्ष्णेय, शुभम सक्सेना, वीरावती, सुदेश कुमार, शीला देवी, विनोद कुमार आदि रहे। अध्यक्षता आलोक दुबे व संचालन अभय कुमार गुप्ता ने किया।
जिले में इन बैंकों की रही हड़ताल
इंडियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक, यूनियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक, यूको बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
दो बैंकों की शाखाओं को कराया बंद
हड़ताल में शामिल इंडियन ओवरसीज बैंक, बैंक ऑफ इंडिया की शाखा खुली हुई थी। ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन के सचिव आलोक दत्त दुबे ने बताया कि सूचना पर सभी कर्मचारी दोनों बैंकों की शाखा पहुंचे और उन्हें बंद कराया। इसके बाद कर्मचारियों को हड़ताल में शामिल किया गया।
यह रही मांग:
- बैंकों का निजीकरण बंद हो।
- आउट सोर्स तुरंत बंद की जाए।
- सभी अनुबंधित कर्मचारियों एवं बीसी आदि को नियमित किया जाए।
- खराब ऋणों की वसूली की जाए।
- नई पेंशन योजना को निरस्त कर पुरानी पेंशन को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।
यूनियन से जुड़ी सभी शाखाएं हड़ताल में शामिल रहीं। 35 करोड़ से अधिक का लेनदेन प्रभावित रहा। मंगलवार को भी यूनियन से जुड़ी सभी बैंकों में हड़ताल रहेगी।
आलोक दत्त दुबे, सचिव, ऑल इंडिया बैंक इंप्लाइज एसोसिएशन चंदौसी (संभल)