मिलावटखोरी की जांच करने और लोगों को जागरूक बनाने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा सचल खाद्य प्रयोगशाला वैन बहजोई, गुन्नौर और जुनावई कस्बे में पहुंची। इस दौरान खाद्य पदार्थों के 43 नमूने जांच के लिए आए। जांच में बर्फी के तीन नमूने फेल हो गए। प्रारंभिक जांच में बर्फी में स्टार्च की मात्रा अधिक पाई गई। विभाग ने क्वालिटी में सुधार लाने के निर्देश दिए हैं।
सोमवार को खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा सचल खाद्य प्रयोगशाला वैन गुन्नौर के सोनू मोनू फेड प्लाजा पहुंची। इस दौरान दुकानदारों और आम नागरिकों ने खाद्य पदार्थों में किसी तरह की कोई मिलावट तो नहीं है, इसकी जांच कराई। कई दुकानदार और नागरिक मिल्क केक, हल्दी पाउडर, जीरा, गरम मसाला, लाल मिर्च, पेड़ा, बर्फी, दूध, अरहर की दाल आदि 17 खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर पहुंचे। जांच में सभी पदार्थ सही पाए गए। इसके अलावा बहजोई नगर में भी 16 नमूने की जांच की गई। यहां भी जांच में सभी सैंपल पास हो गए। इसके बाद वैन जुनावई कस्बे में पहुंची। यहां दुकानदार समेत दस लोगों ने खाद्य पदार्थों की जांच कराई। इस दौरान तीन मिष्ठान विक्रेताओं के बर्फी के सैंपल फेल हो गए। बर्फी में स्टार्च पाया गया, शेष सात नमूने पास हो गए। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. पीके त्रिपाठी ने कहा कि विभाग का उद्देश्य मिलावट के प्रति लोगों को जागरूक करना था।
हम जिन खाद्य पदार्थों का उपयोग कर रहे हैं, वह बिलकुल शुद्ध हैं कि नहीं यह हमारे लिए जानना बेहद जरूरी है। क्योंकि मिलावटी खाद्य पदार्थ हमारे स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं। मैंने मोबाइल वैन के माध्यम से जीरा की जांच कराई। जांच में जीरा शुद्ध पाया गया।
अब्दुल मतीन, गुन्नौर
नरौरा मार्ग पर मेरा रेस्टोरेंट है। हमारी जिम्मेदारी है कि अपने ग्राहकों को अच्छी क्वालिटी का नाश्ता या अन्य कोई खाद्य पदार्थ दें। मैंने दूध और गरम मसाले की जांच कराई। जांच में दोनों ही सैंपल पास हो गए। जांच निशुल्क हुई है।
सोनू वार्ष्णेय, गुन्नौर
मेरी कस्बे मेें मिष्ठान की दुकान है। मुझे जानकारी मिली कि खाद्य विभाग की टीम निशुल्क खाद्य पदार्थों की जांच कर रही है तो मैं अपनी दुकान की बर्फी लेकर जांच के लिए आया। जांच में बर्फी का सैंपल पास हो गया। मुझे बहुत संतुष्टि हुई। आगे भी अपने खाद्य पदार्थों की क्वालिटी सुधारने के लिए प्रयास करेंगे।
प्रशांत वार्ष्णेय, गुन्नौर