फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छोटे दल व निर्दलीय प्रत्याशी नहीं डाल पाए प्रभाव, चार अंकों तक नहीं पहुंची वोटों की संख्या

विज्ञापन
विज्ञापन
चंदौसी। जिले में विधानसभा चुनाव के रण में छोटे दल और निर्दलीय प्रत्याशी कोई खास कौशल नहीं दिखा पाए। उनकी वोटों की संख्या चार अंकों तक भी नहीं पहुंच पाई। असमोली व संभल विधानसभा सीट से एआईएमआईएम प्रत्याशियों ने जरूर कुछ चुनौतियां पेश कीं, लेकिन वह भी किसी की हारजीत पर असर नहीं डाल पाए।
विज्ञापन

संभल जिले की चारों विधानसभा सीटों पर 42 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। भाजपा, सपा, बसपा, कांग्रेस चारों प्रमुख दलों के अलावा अन्य छोटे दल व निर्दलीय प्रत्याशियों की संख्या 26 थी। इनमें एआईएमआईएम के दो, आम आदमी पार्टी के चार, राष्ट्रीय परिवर्तन दल के एक, आजाद समाज पार्टी के दो, शिवसेना के एक और निर्दलीय 16 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे।
संभल व असमोली सीट पर एआईएमआईएम के प्रत्याशियों को छोड़कर अन्य 24 प्रत्याशियों के वोटों की संख्या चार अंकों तक भी नहीं पहुंच पाई। सभी के वोट एक हजार से कम ही रहे। इनके चुनाव मैदान में रहने से अन्य किसी पार्टी के प्रत्याशी की हारजीत के समीकरणों पर कोई खास अंतर नहीं पड़ा।
विज्ञापन

- असमोली विधानसभा सीट:
पार्टी प्रत्याशी वोट
आम आदमी पार्टी अंजू 815
निर्दलीय गुरफान 207
निर्दलीय तौफीक 264
निर्दलीय नवकेश 655
निर्दलीय पवन कुमार 493
निर्दलीय महावीर 785
- चंदौसी विधानसभा सीट:
राष्ट्रीय परिवर्तन दल अनिल बाबू 712
आजाद समाज पार्टी रविंद्र कुमार 349
आम आदमी पार्टी सचिन कुमार 667
निर्दलीय तेजपाल 177
निर्दलीय मंजू 589
निर्दलीय राजेश 581
निर्दलीय विजयपाल 311
- गुन्नौर विधानसभा सीट:
आजाद समाज पार्टी अनिल कुमार 568
आम आदमी पार्टी विजय कुमार 517
निर्दलीय रामखिलाड़ी 992
निर्दलीय लखवेंद्र उर्फ अखिलेश 790
निर्दलीय हरिसिंह 673
- संभल विधानसभा सीट:
आम आदमी पार्टी मोहम्मद काशिफ खान 455
शिवसेना जाहिद 257
निर्दलीय अजय कुमार 581
निर्दलीय इकबाल 742
निर्दलीय अंशुल 709
निर्दलीय सबूर हुसैन 287
संभल सीट से एआईएमआईएम प्रत्याशी को मिले 21470 वोट
असमोली विधानसभा सीट से एआईएमआईएम प्रत्याशी शकील अहमद को 13,024 वोट मिले हैं। संभल विधानसभा से एआईएमआईएम के प्रत्याशी मोहम्मद मुशीर खान तरीन को 21,470 वोट मिले हैं, लेकिन दोनों सीटों पर इन प्रत्याशियों को अधिकांश मुस्लिम वोट प्राप्त हुए हैं। यदि वोटों का ध्रुवीकरण भी होता है तो ये सपा अथवा बसपा के खाते में जाते। दोनों सीटों पर सपा प्रत्याशी भारी भरकम वोटों से जीते हैं और दूसरे स्थान पर भाजपा रही है। ऐसे में उनको अधिक वोट मिलने से हारजीत के परिणाम बदलने वाले नहीं थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें