उपनिदेशक कृषि मुरादाबाद ने कंपनी के मैनेजर के साथ जनपद की खाद की दुकानों से गन्ने की फसल को कीड़ों से बचाने में इस्तेमाल की जाने वाली फटेरा व फोरोजन दवा के सैंपल भरे। उन्होंने बताया कि दो दुकानों से दो सैंपल लेने के बाद उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।
गन्ने की फसल में कीड़ा लगने पर फटेरा व फोरोजन दवा का प्रयोग किया जाता है। दुकानों पर चेकिंग के दौरान मुरादाबाद उपनिदेशक कृषि विकास कुमार ने बताया कि फोरोजन दवा की 150 एमएल की सीसी का मूल्य 1900 रुपये तथा फटेरा दवा की चार किलो का पैकेट 400 रुपये का बिकता है। उक्त नाम से फर्जी दवा के पैकेटों को दुकानदार किसानों को पूरे रेट में बेच देते हैं। फर्जी दवा का इस्तेमाल होने से गन्ने की फसल में कीड़ों से छुटकारा नहीं मिलता। इस दौरान फोरोजन तैयार करने वाली एफएमसी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के मैनेजर अशोक कुमार ने गवां में तीन, संभल में पांच, गुन्नौर में दो, जुनावई में तीन, बबराला में दो सहित 15 दुकानों पर चेकिंग की। जिसमें एग्री जंक्शन केंद्र संभल व माही फर्टिलाइजर जुनावई की दुकानों से सैंपल लिए गए। जिन्हें जांच को भेजा गया है।