संभल में कोहरा छाए रहने से इसका असर यातायात पर पड़ रहा है। चालकों को दिन में भी लाइट जलाकर वाहनों को चलाना पड़ रहा है। इससे हाईवे पर वाहन रेंग कर चल रहे हैं।
संभल में ठंड का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। घना कोहरे का असर यातायात और रेल सेवा पर पड़ा है। इस सर्दी के सीजन की सबसे सर्द सुबह शनिवार रही। दिन का तापमान सात डिग्री तापमान दर्ज किया गया है। पाला गिरने से बारिश की तरह मौसम नजर आया। कोहरे की धुंध के साथ पाले की बौछार ने गलन को बढ़ा दिया है।
जिला अस्पताल में शनिवार को 597 ओपीडी रही। इसमें करीब 100 बच्चे भी शामिल थे। ठंड से बच्चों को सांस लेने की समस्या हो रही है। चिकित्सकों का कहना है कि इस मौसम में सांस लेने में दिक्कत आ जाती है। एहतियात बरतने से बचा जा सकता है। जिला अस्पताल में बच्चों की ओपीडी करते मिले डॉ. रामलाल यादव ने बताया कि हर दिन करीब 100-120 बच्चे आते हैं।
इसमें 30-35 को सांस लेने में दिक्कत होती है। इन्हें दवाई देकर सलाह दे दी जाती है। सर्दी से बच्चों को बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनाएं। उन्हें गर्म स्थान पर रखें। डॉक्टर ने बताया कि बड़ों के मुकाबले छोटे बच्चों का लंग्स काफी कमजोर होता है। यह प्रदूषक तत्व को छान नहीं पाते और लंग्स के टिशु से होते हुए आसानी से खून व ऑक्सीजन में मिलकर दिल, दिमाग तक पहुंच जाते हैं।
इन प्रदूषक तत्वों के कारण बच्चों में परेशानी होने की समस्या काफी ज्यादा रहती है। बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बड़े लोगों के मुकाबले काफी कम होती है और यह इन विषैले तत्व से लड़ नहीं पाते।